बरेली: डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में 2.10 करोड़ का घोटाला, एजेंसी ब्लैक लिस्ट
जोन दो और चार में कूड़ा कलेक्शन के बाद 21 महीने से नहीं जमा किया यूजर चार्ज
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम अफसरों की लापरवाही की वजह से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी ने 2.10 करोड़ रुपये यूजर चार्ज का गबन कर लिया। एजेंसी ने लोगों से यूजर चार्ज तो वसूला लेकिन उसे निगम में नहीं जमा किया। नोटिस देने के बाद भी एजेंसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करते हुए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर के जोन दो और चार के कुल 40 वार्ड में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी के आनंद नारायण साहू ने दिसंबर 2021 से यूजर चार्ज वसूलकर नगर निगम के खाते में पैसा नहीं जमा किया। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने एजेंसी की ओर से की जा रही सफाई व्यवस्था की जांच कराई तो अधिकतर क्षेत्र में लोगों ने पांच से छह दिन तक कूड़ा नहीं उठाने और यूजर चार्ज प्रतिमाह वसूलने की शिकायत की। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट कर दिया। पूर्व में भी आनंद नारायण साहू पर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक यूजर चार्ज वसूलकर जेब में रखने का आरोप लगा। प्रकरण में कार्यदायी संस्था की ओर से ब्याज समेत भुगतान के बाद कार्रवाई को टाल दिया गया था।
अलग-अलग यूजर चार्ज, निगम को हर घर से 51.50 रुपये
शहर के 80 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी दाे एजेंसियों पाथ्या और आनंद नारायण साहू को मिली थी। अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार 50 वर्गगज के ऊपर के भवन पर 50 रुपये से 100 रुपये और व्यावसायिक भवन पर 100 रुपये से तीन हजार रुपये तक वसूलता है। जबकि अनुबंध के अनुसार हर घर से 51.50 के रुपये नगर निगम में जमा करना था।
लेखा विभाग कैसे कर रहा था भुगतान
सूत्रों ने बताया कि मामले में लेखा विभाग की कार्यप्रणाली से भी नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। एक महीने घर से कूड़ा लेने के बाद अगले महीने हर घर से भुगतान लिया जाता है। लेकिन आनंद साहू के मामले में उसे पैसा जमा किए बिना ही एक महीने का एडवांस भुगतान दिया जा रहा था। नगर आयुक्त ने इस तथ्य का मिलान पाथ्या कंपनी के भुगतान से किया तो पता चला कि पाथ्या कंपनी को हर महीने भुगतान जमा करने पर निगम से भुगतान किया जा रहा था, लेकिन आनंद के मामले में ऐसा नहीं हो रहा था। इस पर नगर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर जताई है।
पाथ्या को नहीं मिल रहा था बोनस
कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनी के एग्रीमेंट में लिखा है कि यदि वह 50 फीसदी से कम वसूली करेगी तो उस पर 150 फीसदी पेनाल्टी और ज्यादा करने पर बोनस मिलेगा। पाथ्या कंपनी की जोन- 1 में वसूली कम हो रही थी तो उससे पेनाल्टी वसूली जा रही थी लेकिन जोन- 3 में मानक से ज्यादा वसूली पर बोनस नहीं दिया जा रहा था। यह घपला भी उसके साथ किया जा रहा था।
पूर्व में भी एजेंसी की मनमानी आई थी सामने
पूर्व में भी आनंद नारायण साहू पर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक यूजर चार्ज वसूलकर जेब में रखने का आरोप लगा। प्रकरण में कार्यदायी संस्था की ओर से ब्याज समेत भुगतान के बाद कार्रवाई को टाल दिया गया था। आनंद साहू ने बताया कि हमारी एजेंसी लगातार काम कर रही है फिर भी समझ में नहीं आ रहा कार्रवाई क्यों हो रही। रात को खबर मिली है लेकिन मामले की पूरी जानकारी नहीं है।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली दो कंपनियों में से एक कंपनी अपना भुगतान जमा कर रही लेकिन आनंद साहू की कंपनी यूजर चार्ज जमा नहीं कर रही थी। फर्म को ब्लैकलिस्ट कर गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं-निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त।
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