मुरादाबाद : फर्जीवाड़ा करने वाला चंद्रजीत भगोड़ा घोषित, एक और रिपोर्ट...जानिए पूरा मामला 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जालसाजी : एसबीआई पाकबड़ा शाखा से लिया था लोन, बना लिया था फर्जी अदेयता प्रमाणपत्र

मुरादाबाद, अमृत विचार।  कृषि योग्य जमीन पर फर्जी तरह से दो-दो बार लोन लेने के तीन आरोपियों में एक की गिरफ्तारी नहीं हो पाने पर पाकबड़ा थाने के दरोगा ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है। इस मामले में दरोगा मुकेश कुमार ने चंद्रजीत सिंह के विरुद्ध भगौड़ा घोषित कर एफआईआर दर्ज कराई है। 

चंद्रजीत सिंह संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी के अतौरा गांव का रहने वाला है। भारतीय स्टेट बैंक शाखा पाकबड़ा के तत्कालीन प्रबंधक सतप्रीत सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें प्रताप सिंह व इसका भाई राजेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह का बेटा चंद्रजीत सिंह नामजद हुए थे। ये तीनों आरोपी भी संभल के अतौरा गांव के रहने वाले हैं। विवेचक मुकेश सिंह का कहना है कि मामले में वांछित चंद्रजीत सिंह तमाम प्रयासों के बाद भी पकड़ में नहीं आया।  चंद्रजीत सिंह के विरुद्ध 9 जून 2023 को न्यायालय से उसके घर की कुर्की के आदेश भी मिल चुका हैं। जिस पर 17 जून को दरोगा मुकेश कुमार व संजय त्यागी ने कार्रवाई भी की थी। इसकी मुनादी असमोली के गुमसानी गांव के इबले हसन से पुलिस ने कराई थी। 

यह था मामला 
संभल जिले के निवासी प्रताप सिंह ने अतौरा व शाहपुर गांव की अपनी कृषि योग्य जमीन को बंधक कराकर भारतीय स्टेट बैंक शाखा पाकबड़ा से 3.66 लाख रुपये का लोन लिया था। 21 अप्रैल 2022 को शाखा प्रबंधक सतप्रीत सिंह ने एफआईआर दर्ज कराकर पाकबड़ा थाना पुलिस को बताया था कि वर्तमान में प्रताप सिंह पर बैंक का 5,15,688 रुपये का बकाया लोन है। प्रताप सिंह ने बैंक का लोन अदा नहीं किया। वह अपने भाई राजेंद्र सिंह व भतीजे चंद्रजीत सिंह के साथ मिलकर शाखा प्रबंधक के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से 14 नवंबर 2017 की तारीख में अदेयता प्रमाणपत्र बना लिया, जबकि बैंक की ओर से प्रताप सिंह को ऐसा कोई प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था।

फर्जीवाड़े के संबंध में जब शाखा प्रबंधक सतप्रीत सिंह ने और जानकारी की तो पता चला कि तीनों आरोपियों ने छल-कपट कर उनके फर्जी हस्ताक्षर व बैंक शाखा की मुहर लगाकर मनगढ़ंत अदेयता प्रमाणपत्र ही नहीं बनाया बल्कि उसके सहारे तहसील में सब रजिस्ट्रार कार्यालय संभल में उसका उपयोग कर पूर्व में बंधक जमीन को भी भारमुक्त करा लिया। यही नहीं, प्रताप सिंह ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा संभल में उसी जमीन को बंधक कराकर फिर 3.70 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर लिया था।

ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : आजम खान के समधी रिजवान खान की फैक्ट्री पर जीएसटी विभाग का छापा, अधिकारियों ने करोड़ों रुपये की गड़बड़ी पकड़ी

संबंधित समाचार