Kanpur: छूआछूत से नहीं हवा में मौजूद बैक्टीरिया से होता कुष्ठ, 17 दिन के अभियान में छह लाख की स्कीनिंग, पढ़ें- पूरी खबर
कानपुर में छूआछूत से नहीं हवा में मौजूद बैक्टीरिया से होता कुष्ठ।
कानपुर में छूआछूत से नहीं हवा में मौजूद बैक्टीरिया से कुष्ठ होता है। वहीं, 14 सौ संभावित मरीज मिलेद्ध इनमें 200 में कुष्ठ की पुष्टि हुई।
कानपुर, अमृत विचार। कुष्ठ रोग न तो छूने से फैलता है और न ही यह पूर्वजन्म के पाप या व्यवहार का कोई फल है। यह अनुवांशिक भी नहीं है। यह कुष्ठ रोग ग्रस्त व्यक्ति के जीवाणु से फैलता है। संक्रमण व्यक्तियों के नाक व मुंह के रास्ते शरीर से बाहर निकलता है और हवा में मौजूद बैक्टीरिया के जरिए अन्य लोगों को चपेट में लेता है।
कुष्ठ को अधिकांश लोग छुआछूत की बीमारी समझते हैं, लेकिन सच्चाई इससे परे है। कुष्ठ रोग हवा में मौजूद बैक्टीरिया के जरिए फैलता है। हवा में ये बैक्टीरिया किसी बीमार व्यक्ति से दूसरे के शरीर में खांसने, थूकने व छींकने से नाक और मुंह के माध्यम से सामान्य रूप से शरीर में प्रवेश करता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. देव शिवहरे ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने, छूने या साथ में रहने से यह बीमारी नहीं होती है।
बल्कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने से लेप्रै बैक्टीरिया हवा में उत्पन्न होते हैं। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति के भी संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है। कुष्ठ के कारण मरीज के शरीर पर सफेद चकत्ते पड़ने लगते हैं। निशान वाला स्थान सुन्न हो जाता है।
ऐसे स्थान पर कोई नुकीली वस्तु चुभाने पर मरीज को दर्द का अहसास नहीं होता। सफेद चकत्ते शरीर के किसी एक हिस्से में होने पर तुंरत इलाज शुरू कराना चाहिए। देरी करने पर यह पूरे शरीर में फैल सकता हैं। बीमारी बढ़ने पर प्रभावित अंग को गलाने तक लगती है
लापरवाही पर होती दिव्यांगता
जिला कुष्ठ रोग सलाहकार डॉ. संजय यादव ने बताया कि कुष्ठ रोग को हैनसेन रोग भी बोला जाता है। यह बैसिलस माइक्रो बैक्टीरियम लेप्राई के जरिए फैलता है। हवा में यह बैक्टीरिया किसी बीमार व्यक्ति से ही आते हैं। यह एक संक्रामक रोग है। यह उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों (एनटीडी) की श्रेणी में आता है। कुष्ठ रोग मुख्य रूप से चमड़ी व तंत्रिकाओं को प्रभावित करते हुए धीरे-धीरे बढ़ता है। शुरुआत में रोग की जानकारी होने पर इलाज शुरू कराना चाहिए।
17 दिन के अभियान में छह लाख की स्कीनिंग
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ.महेश कुमार के मुताबिक जिले में एक सितंबर से राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ रोगी खोज एवं नियमित निगरानी अभियान चल रहा है। 17 दिनों में टीम ने करीब छह लाख लोगों की स्क्रीनिंग की है, जिनमें 200 लोगों में कुष्ठ की पुष्टि हुई और करीब 14 सौ कुष्ठ के संभावित मरीज मिले है। कुष्ठ रोग मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है। सरकारी अस्पतालों में कुष्ठ रोगी मरीजों के लिए दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
