बरेली: आधी आबादी को उम्मीद... अब खुद ही उठा सकेंगी अपने हक की आवाज
राजनीति में महिलाओं की एक तिहाई भागीदारी को बताया बेहतर पहल
बरेली, अमृत विचार। महिलाओं का सरकार में एक तिहाई भागीदारी का रास्ता साफ होने से आधी आबादी में उम्मीद जागी है कि अब सदन में महिला जनप्रतिनिधि उनके हकों के लिए पुरजोर आवाज उठा सकेंगी। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बेहतर कदम माना जा रहा है। मंगलवार को महिलाओं के आरक्षण के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पेश किया गया। वहीं, महिलाओं ने सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की है।
संसद के विशेष सत्र में मंगलवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया। इस बिल के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव है।
राजनीति में भागीदारी बढ़ने से मिलेंगे अधिक अवसर
महिला आरक्षण बिल अभी तक देखा नहीं है। हालांकि इतना जरूर कहा जा सकता है इसके पास होने से राजनीति में महिलाओं की सहभागिता बढ़ेगी और उन्हें अधिक मौके मिलेंगे।- ईशा सक्सेना
केवल विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण होना काफी नहीं है। महिला सशक्तीकरण के लिए उन्हें सरकारी नौकरियों में भी 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।- डॉली अग्रवाल
पीएम ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया है, महिलाओं को आरक्षण मिलने से हमारे बीच की महिलाएं अधिक संख्या में संसद में पहुंचकर देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।- सिमरन
महिलाओं को आरक्षण देने की मांग लंबे समय से होती रही है। आज के समय में महिलाएं पुरुषों से कंधा मिलाकर चल रही हैं। इसलिए सरकार को चाहिए हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता हो।- माधुरी कश्यप
ये भी पढे़ं- बरेली: धूमधाम से निकाली गई भगवान गणेश की शोभायात्रा, भक्तों ने जमकर लगाए जयकारे
