Jalaun News: पत्नी की हत्या कर शव को किया था दफन, कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद की सजा, जुर्माना भी लगाया

जालौन में पत्नी के हत्यारे पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई।

Jalaun News: पत्नी की हत्या कर शव को किया था दफन, कोर्ट ने पति को सुनाई उम्रकैद की सजा, जुर्माना भी लगाया

जालौन में पत्नी की हत्या कर शव को दफन कर दिया था। कोर्ट ने हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया।

जालौन, अमृत विचार। बुधवार को न्यायालय में न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या करके उसके शव को घर के अंदर ही दफन करने वाले पति के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जैसे ही फैसला आया तो मृतका की मां के चेहरे पर खुशी के भाव देखने को मिले। उसका कहना था कि आज बेटी की आत्मा को शांति मिली होगी।

जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सरसौखी निवासी उर्मिला देवी पत्नी कालीचरण की बेटी विनीता की शादी शहर के मुहल्ला रामनगर निवासी प्रमोद कुमार पुत्र खेमराज से वर्ष 2011 में की थी। इसके बाद से पारिवारिक वाद विवादों के बीच कब सात साल बीत गए पता ही नहीं चला। इस दौरान विनीता मायके भी आई।

मां और परिजनों की बातें अक्सर फोन पर हो जाया करती थी। विनीता भी मां बन गई थी। वर्ष 2018 से विनीता के पति प्रमोद से तो बात हुई लेकिन विनीता से कोई बात नहीं हुई। मां जब भी फोन करती प्रमोद दिल्ली में होने की बात कह देता था। जब दो साल बीत गए तो मां और परिवार के लोगों को यह बात गले नहीं उतरी कि ऐसा क्या है जो विनीता से बात नहीं हो रही।

आखिर में मां ने इस मामले में पुलिस की चौखट पर दस्तक दी तो उसे टहला दिया गया आखिर में उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया। जांच के उपरांत कोतवाली पुलिस ने प्रमोद कुमार को पूछतांछ के लिए बुलाया गया। चार जनवरी 2020 को प्रमोद कुमार ने कोतवाली पुलिस को सच बता दिया और कहा कि उसने वर्ष 2018 में ही विनीता की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद उसका शव घर के अंदर वाले कमरे में दफन कर दिया था।

यह मामला सुन पुलिस भी चौंक पड़ी। तत्कालीन जिलाधिकारी के परमीशन लेकर अभियुक्त के बताए स्थान पर खुदाई कराई गई तो कंकाल निकला। उर्मिला ने विनीता की साड़ी देखकर ही उसकी शिनाख्त की थी। पुलिस ने चार जनवरी को ही रिपोर्ट दर्ज कर अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने दो माह बाद न्यायालय में दो मार्च 2020 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

आईपीसी की धारा 302 व 201 में मामला पंजीकृत था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता लखन लाल निरंजन ने बताया कि न्यायालय में चले ट्रायल के दौरान कुल सात गवाह पेश किए गए।

इस दौरान गवाहों के बयान और पेश किए साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर बुधवार को जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुना दी। इसी के साथ दोनों ही धाराओं के आधार पर एक लाख 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जैसे ही यह फैसला आया तो सरसौखी गांव में मृतका के मायके वाले खुश हो गए। उनका कहना था कि आज विनीता की आत्मा को शांति मिली होगी।

जहां से उठी थी डोली, वहीं से उठी थी अर्थी

सरसौखी गांव में वर्ष 5 जनवरी 2020 को विनीता का कंकाल एक पोटली में बंधा हुआ पोस्टमार्टम हाउस से जब पहुंचा था तो उस समय मृतक विनीता के परिवार वालों के ही नहीं आस पड़ोस के लोगों समेत पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसू थे।

जिस भाई चाचा ने अपनी लाड़ली को खुशी खुशी वर्ष 2011 में डोली में बिठाकर विदा किया था आज वही उसकी अर्थी को कंधा देकर मरघट ले जा रहे थे। विनीता के शव रूपी कंकाल का अंतिम संस्कार करने के बाद जब लोग लौटे तो यही कह रहे थे कि देखो जहां से डोली उठी वहीं से उसकी अर्थी उठी।

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