लखीमपुर खीरी: किसानों का कर्ज अदायगी को लेकर किया जा रहा शोषण हो बंद: राकिमसं 

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को डीएम कार्यालय पहुंचा और किसानों की समस्याअों को लेकर एक मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन वहां मौजूद सीडीअो को सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार दीक्षित ने कहा कि बैंक कर्ज अदायगी को लेकर किसानों पर दबाव बना रही हैं। इसे तत्काल रोका जाए।

जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार दीक्षित ने बताया कि बजाज ग्रुप की चीनी मिलों ने अब तक पिछले सत्र का एक माह का भुगतान किसानों को किया है, जबकि चीनी मिली वर्तमान पेराई सत्र शुरू करने वाली हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने के कारण किसानों की गन्ना फसल कर्ज के बराबर हो रही है।

एक ट्रॉली गन्ना चीनी मिल को सप्लाई करने में किसानों का सात हजार रुपये नगद खर्च होता है। अब किसान इस स्थिति में नहीं है कि चीनी मिलों को और उधार गन्ना सप्लाई कर पाए। इसलिए चीनी मिल चालू होने से पहले गन्ने का भुगतान कराया जाए। गन्ने की कीमत करीब 500 रुपये प्रति िक्वंटल की जाए।

उन्होंने कहा कि गन्ना किसान कर्ज के दलदल में फंसा है। बैंक, शाहूकार, साधन सहकारी समितियां, भूमि विकास बैंक और बिजली विभाग अपना कर्ज वसूलने के लिए किसानों को परेशान कर रहे हैं। किसान अपना परिवार चलाने में असमर्थ है। जिसके कारण गांव जमालपुर में भूमि विकास बैंक के अधिकारियों के उत्पीड़न से किसान छोटेलाल की आकस्मिक मौत हो गई।

अगर कर्ज अदायगी का दबाव किसान पर न होता तो आज वह जीवित होते। उन्होंने कहा कि जब तक मय ब्याज समेत बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो जाता है तब तक किसानों पर वसूली का दबाव कतई न बनाया जाए और उत्पीड़न की कार्रवाई रोकी जाए।

ज्ञापन में समस्याअों का निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस दौरान अजीत सिंह, जितेंद्र सिहं, नरेंद्र सिंह, संजय सिंह, भगवत गिरि, दुलीचंद्र वर्मा, बाल गोविंद वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, बृजबिहारी शुक्ला आदि मौजूद रहे। 

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