लखनऊ: निविदा के फेर में फंसे दिव्यांगों के सहायक उपकरण

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37.40 करोड़ बजट में 12.78 लाख कर पाए खर्च, जेम पोर्टल में उलझे

  1. सिर्फ छह जिलों में ही खरीदे गए उपकरण, लेकिन बांट नहीं पाए
  2. ऑनलाइन आवेदनों के साथ कठिन हुई जेम पर खरीद की प्रक्रिया

प्रशांत सक्सेना, लखनऊ, अमृत विचार। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में बदली व्यवस्था से दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण पाना कठिन हो गया है। साथ ही जिलों पर जेम पोर्टल से खरीद करना मुश्किल बना हुआ है। जिस कारण इस वर्ष छह जिलों को छोड़ बाकी उपकरण खरीद तक नहीं पाए हैं, जिन छह जिलों ने जैसे तैसे व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, वॉकिंग स्टिक, कान की मशीन आदि उपकरण खरीदे गए, लेकिन बांटे नहीं गए हैं। 

स्थिति यह है कि प्रदेश में कुल 37.40 करोड़ रुपये बजट का प्राविधान होते हुए भी महज 12.78 लाख रुपये के ही छह जिलों में उपकरण खरीदे गए हैं। जबकि अधिकांश जिलों में जेम पोर्टल पर निविदा नियमों में फंसी है या फिर आवेदनों का इंतजार हो रहा है।

25800 में 12748 आवेदन ही स्वीकृत

इस सप्ताह हुई समीक्षा में 10 से अधिक जिलों में 25800 आवेदनों में 12748 ही स्वीकृत हुए हैं। लेकिन इतने आवेदक लाभान्वित नहीं हुए हैं। इस संबंध में बराबर दो माह से समीक्षा कर चेतावनी दी जा रही है। लेकिन, प्रगति नहीं बढ़ रही है। आलम यह है कि खराब प्रगति के कारण जिलों के नाम सामने नहीं आए हैं। इस बार निदेशालय ने मंडलवार सूची मांगी है।

जेम पर झूल रहे जिले, आवेदन इक्ट्ठा का इंतजार
दरअसल, इस वर्ष से ऑनलाइन आवेदन दिव्यांगों को करने हैं और जितने आवेदन उतने ही उपकरण जेम पोर्टल से खरीदने हैं। जबकि इससे पहले एक आंकलन कर एक साथ उपकरण खरीदे जाते थे और सीधे आवेदन लेकर मौके पर दिए जाते थे। अब ऑनलाइन व्यवस्था में जेम पोर्टल पर पांच लाख से कम रुपये के उपकरण

तुल्यात्मक मूल्य के आधार पर कम समय में खरीदे जा सकते हैं। लेकिन, विभाग द्वारा पांच लाख के नीचे के उपकरण भी निविदा के आधार पर खरीदने को कह रहा है। इससे खरीद की प्रक्रिया में देरी हो रही है।

आवेदन नहीं कर पा रहे दिव्यांग
पारदर्शिता के लिए अब उपकरण के लिए दिव्यांगों को ऑनलाइन आवेदन करने के साथ आधार, निवास, जाति, आय प्रमाण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र व उपकरण के लिए चिकित्सक की स्वीकृति भी देना था। साथ ही आधार प्रमाणीकरण यानी पंजीयन और आधार में अंतर नहीं होना चाहिए। यह सब अनिवार्य हो गया है। जबकि इससे पहले आधार, दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर सीधे उपकरण दिए जाते थे।

उपकरणों की खरीद के लिए जेम पर निविदा डाली गई हैं। करीब 70 से अधिक निविदा प्रक्रिया में हैं। कई जिलों ने उपकरण खरीद भी लिए हैं। जिनके नाम मांगे हैं। किसी तरह की समस्या नहीं है..., मधुरेंद्र पर्वत, उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, निदेशालय।

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