बरेली: उर्से शराफती में शिरकत कर रहे जायरीन, दिनभर पहुंचते रहे गांव और कस्बों से चादरों के जुलूस
बरेली, अमृत विचार। 56 वें उर्से शराफती के पहले दिन रविवार को सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। उर्स में शामिल होने के लिए दरगाह पर जायरीन के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
दरगाह पर दिनभर गांव और कस्बों से चादरों के जुलूस पहुंचते रहे। उर्स के पहले दिन पुराना शहर से मदीना शाह का इमामबड़ा, गौसिया मस्जिद, हाजियापुर, जगतपुर, कांकर टोला, शाहदाना आदि मोहल्लों के जुलूस एक साथ मिलकर मठ की चौकी रोड से सर्राफा, कुतुबखाना मार्ग से होते हुए दरगाह पर पहुंचे।
वहीं, अलीगंज, बिशारतगंज, गैनी, फतेहगंज पश्चिमी, शाही, महेशपुर, फरीदपुर आदि स्थानों से बड़ी तादाद में लोग आए। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली आदि स्थानों से हजारों की संख्या में जायरीन के जत्थे आ चुके हैं। जायरीन को दरगाह मेहमानखाने और आसपास के मकान में ठहराया गया है।
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मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि रविवार रात ऑल इंडिया तरही नातिया मुशायरा हुआ, जिसका आगाज शाह मुहम्मद सकलैन मियां की सरपरस्ती में तिलावते कलामे पाक से किया गया।
मुशायरे में निसार अहमद मुंबई, अंसार झांसी, रागिब ककरालवी, राहील सकलैनी (किच्छा), चांद ककरालवी, चमन सकलैनी संभल, फरहत ककरालवी, हसीब रौनक बरेलवी, आमिल ककरालवी, यूनुस बरकाती, ताहिर नूरी बरेलवी शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन मौजूद रहे।
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