Kanpur: एमटेक में एडमिशन न होने पर सीटें घटाईं, HBTU की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में हुआ ये निर्णय
कानपुर में एमटेक में एडमिशन न होने पर सीटें घटाईं।
कानपुर के एचबीटीयू की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय हुआ। इसमें एमटेक में एडमिशन न होने पर सीटें घटाने का निर्णय लिया गया।
कानपुर, अमृत विचार। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) में बीटेक के बाद एमटेक में सीटें भरना टेड़ी खीर साबित हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए सीटों की संख्या घटा दी है। सत्र 2024-25 से एमटेक में 196 की जगह 115 सीटों पर दाखिले होंगे।
यह निर्णय पिछले दिनों हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया। यह हाल सिर्फ एचबीटीयू का ही नहीं है, बल्कि कई और सरकारी विश्वविद्यालयों और निजी संस्थानों का है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में भी एमटेक की सीटें भर नहीं पा रही हैं। निजी संस्थानों का तो और भी बुरा हाल है।
इस वर्ष एमटेक में 46 दाखिले हुए हैं, जबकि कुल एडमिशन में गेट के सफल छात्रों की संख्या केवल आठ है। सबसे ज्यादा 11-11 एडमिशन कंप्यूटर साइंस और केमिकल इंजीनियरिंग- बायो केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में हुए हैं। अन्य ब्रांचो में से किसी में पांच, तो किसी में तीन व दो एकडमिशन हुए हैं। एक ब्रांच में सिर्फ एक ही सीट भर सकी है।
एचबीटीयू प्रशासन ने दो वर्ष पहले एमटेक की वार्षिक 120000 फीस को घटाकर 80 हजार रुपये कर दिया। सिर्फ यही नहीं छात्रों के लिए हर महीने 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप शुरू कराई गई, इसके बावजूद छात्रों ने एडमिशन नहीं लिया।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. आनंद कुमार के मुताबिक एमटेक में दाखिले कम होने की वजह से सीटों को घटाया गया है। छात्रों की ओर से मांग आने पर इसकी संख्या फिर से बढ़ाई जा सकती है। यह निर्णय एकेडमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया।
