CSJMU Convocation: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को दिए पदक, बोली- अच्छे कार्य करते रहें, मिलेगा संतोष और आंनद

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सीएसजेएमयू के 38वां दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को दिए पदक।

सीएसजेएमयू के 38वां दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं को दिए पदक। इस दौरान उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करते रहें। इससे संतोष और आंनद मिलेगा।

कानपुर, अमृत विचार। सर्टिफिकेट तो मिलते रहेंगे, लेकिन आपका कार्य ही आपकी पहचान बनता है। अच्छे कार्य करते रहें जीवन मे संतोष और आनंद मिलता रहेगा। यह बात राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कही। वह छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का 38वां दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं थी। उन्होंने बताया की विश्व के सामने भारतीय छात्र आंख से आंख मिलाकर चलें।

भारत मे सबसे ज्यादा युवा हैं। पूरा विश्व भारतीयों पर नजर रखे है। युवाओं को पढ़ाई करनी होगी, रिसर्च, पेटेंट करना होगा। यूपी की आबादी 25 करोड़, युवा इतने ज्यादा। इतनी युवा शक्ति तो आगे आना होगा। आगे बढ़ते रखिए।

यूनिवर्सिटी क्या क्या कार्य कर रही है। शोधार्थी शोध कर रहे हैं। इसके लिए सभी को बधाई। यह  ऐतिहासिक दिन है। यूनिवर्सिटी ने आज कई छात्रों को गोल्ड मेडल दिया है। जब चंद्रयान चांद पर लैंड हुआ तो सभी ने गर्व किया। इस मिशन में और इसरो से जुड़े कई वैज्ञानिक छोटे छोटे संस्थानों से हैं। रतन टाटा छोटे थे धीरे धीरे बड़े हुए और युवा हो गए। आज टाटा ग्रुप सबसे आगे है।

कई लोगों ने उनसे पूछा कि आपको संतोष कब होता है। उन्होंने बताया कि पैसा आया, लेकिन आगे के लिए नहीं सोचा। फिर स्टील प्लांट और दक्षिण अफ्रीका में ऑयल प्रोजेक्ट किया तभी आनंद हुआ। एक बार एक कार्यक्रम में टाटा कंपनी की ओर से 500 बच्चों को व्हील चेयर दिया। उन बच्चो के चेहरे को देखकर संतोष हुआ। यही जीवन का आंनद है यही संतोष है। अभी चीन में एशियन गेम्स हो रहे हैं। एक घटना ऐसी हुई की चार अलग अलग खिलाड़ियों ने घुड़सवारी में हिस्सा लेने की सोची। चीन ने भारत से घोड़े लाने के लिए मना कर दिया।

चारो खिलाड़ियों ने कोर्ट से लड़ाई लड़ी आखिर में उनकी जीत हुई। कोच ने खिलाड़ियों को अच्छी तरहं से ट्रेंड किया। आखिर में खिलाड़ियों की जीत हुई। इंदौर की खिलाड़ी के पिता ने जमीन गिरवी रखकर घोड़ा खरीदा। छोटे बच्चे जब युवा होते और बड़े हो जाते हैं। इसके पीछे माता पिता का संघर्ष रहता है। सच्ची शिक्षा है आप पढ़िये, लेकिन माता पिता को न भूलिए। यूनिवर्सिटी ने कई कार्य शुरू किए हैं।

21 जून को जब सभी को हिस्सा लेने के लिए कहा तो 15 लाख छात्र शामिल हैं। एआईआरएफ और वर्ड रैंकिंग के लिए एमओयू होना जरूरी है। जिस तरह से लेक्चर होता है, उसी तरह से पीएचडी करना चाहिए। कबाड़ हटाने पर कार्य चल रहा है। किसी यूनिवर्सिटी को एक करोड़ तो किसी को डेढ़ करोड़ मिल रहे हैं। 

समारोह में 55 मेधावियों को 98 पदक दिए गए, जिनमें छात्राओं की संख्या 74.55 फीसद रही। इस बार पदकों की दौड़ में छात्राओं ने बाजी मारी। कानपुर देहात के त्रिगुणी नारायण महाविद्यालय की श्वेता साहू और डीबीएस कॉलेज के जीत शर्मा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। यह पहला मौका है जब दो मेधावियों को यह पदक से नवाजा गया है। समारोह में दो होनहारों को कुलाधिपति रजत, 29 को कांस्य, 12 को कुलपति स्वर्ण पदक और 53 को प्रायोजित मेडल दिए गए। कुल 209171 छात्र-छात्राओं को उपाधि मिली। 

मुख्य अतिथि के रूप में हनी बी नेटवर्क के संस्थापक पद्मश्री प्रो. अनिल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी मौजूद रहीं। आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रो. पद्मश्री मणींद्र अग्रवाल और प्रो. पद्मश्री अनिल गुप्ता को मानद उपाधि दी गई।

प्रो. अग्रवाल ने बताया की उत्तर प्रदेश में अब शिक्षा की ओर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। प्राइमरी और सेकेंडरी शिक्षा में सुधार हो रहा है। आने वाले समय  मंज टेक्नोलॉजी ही बड़ी विधा है। जब हम टेक्नोलॉजी की बात करते हैं तो आईआईटी कानपुर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। साइबर सिक्योरिटी की बहुत आवश्यक है। देश के पावर प्लांट, रेलवे, पोर्ट्स, ऑयल रिफाइनरी, हाईवे की सुरक्षा की जरूरत है।

आईआईटी और सीएसजेएमयू मिलकर साइबर सिक्योरिटी पर कार्य किया जाएगा। ब्लॉक चेन बेस्ड तरीका भी है। विश्वविद्यालय डिजी लाकर से डिग्रियों को सुरक्षित कर रहा है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने बताया कि छात्रों को उद्यमिता और नवाचार के लिए आगे आना होगा। हमारा देश आगे बढ़ रहा है। उसको आगे ले जाने में युवाओं का ही योगदान रहेगा।

वहीं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा तो हर कोई प्राप्त कर लेता है, लेकिन   संस्कारयुक्त शिक्षा जरूरी है। पुरातन को प्रगति दी जाए। अब नया शिक्षा का दौर चल चुका है। शिक्षा का उद्देश्य मात्रा डिग्री हासिल नहीं करना है। महान लोग  छोटी घटनाओं से बड़े संदेश देते हैं। पदमश्री प्रो.अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि  शिक्षा और संवेदना के बीच संबंध है। उत्कृष्टता सिर्फ एक क्षेत्र से नहीं होती है। इसरो में आने वाले किसी आईआईटी या आईआईएम से नहीं थे, लेकिन यह छोटे छोटे कॉलेज से थे।

ज्ञान वही है, जो समाज मे फैला है। सीएसजेएमयू सबसे ज्यादा कंटेंट को डाउनलोड करता है, लेकिन उसको कितने लोग अपलोड करते हैं। जब किसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपको सम्मान मिलता है तो कोई आपसे जाति, धर्म नहीं पूछता है। जिसमे जिद नहीं है वह जुनून नहीं पैदा कर सकता है। क्या सात लाख विद्यार्थी अपनी दादी नानी से बात करें, इसको पोर्टल पर अपलोड करें। उससे संस्कार और ज्ञान की बातें पता चलेंगी। मेडल वाले छात्रों के साथ अलग से बात की जाए। 

चंद्रयान तीन की थीम पर हुआ समारोह 

दीक्षांत समारोह का आयोजन चंद्रयान थीम पर हुआ। रानी लक्ष्मीबाई सभागार में इसरो के वैज्ञानिकों और टीम के सदस्यों की फोटो और स्केच लगाए गए। चंद्रयान के रोवर और लैंडर की रंगोली बनाई गई। सीएसजेएमयू के यूआईईटी विभाग के चार पुरातन छात्रों अतुल, प्रियंका मिश्रा, प्रवेश माथुर और प्रियंका यादव को सम्मानित किया गया। 'चांद के पार यूपी के होनहार' बुकलेट जारी की गई, जिसमें प्रदेश के 30 छात्रों की बारे में और उनकी सफलता की कहानी लिखी है।

नेपाल विश्वविद्यालय और आईआईटी से करार 

नेपाल के संस्कृत विश्वविद्यालय और आईआईटी कानपुर के साथ करार किया गया। पिछले दिनों फॉरेन एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत नेपाल यूनवर्सिटी के कुलपति और सीएसजेएमयू के कुलपति के साथ बातचीत हो चुकी थी। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं नेपाल जाएंगे, जबकि नेपाल के छात्र सीएसजेएमयू में आकर पढ़ाई और शोध कार्य कर सकेंगे। आईआईटी कानपुर के साथ शिक्षा व शोध पर कार्य किया जाएगा। 

विश्वविद्यालय के 10 नवीन भवनों का लोकार्पण 

समारोह के अलावा कुलाधिपति विश्वविद्यालय के 10 नए भवनों का लोकार्पण भी किया गया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स बॉक्सिंग एवं कराटे में मेडल पाने वाले तीन छात्र छात्राओं का सम्मान हुआ।

मेधावियों को मिले एक से ज्यादा पदक 

1. कानपुर देहात के त्रियुगी नारायण महाविद्यालय की श्वेता साहू : कुलाधिपति स्वर्ण, रजत, कांस्य पदक, कुलपति स्वर्ण पदक, लेडी अनुसुईया सिंहानिया स्वर्ण पदक। 
2. डीबीएस कॉलेज के जीत शर्मा : कुलाधिपति स्वर्ण, कांस्य और कुलपति स्वर्ण पदक।
3. सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस की शुभ्रा अग्रवाल : कुलाधिपति रजत, कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक।
4. हरदोई के प्रकाश महाविद्यालय की श्रद्धा : कुलाधिपति कांस्य, कुलपति स्वर्ण, डॉ. बाल मुकुंद गुप्ता स्वर्ण, पीके जैन स्वर्ण और नंदरानी देवी स्वर्ण पदक। 
5. एएनडी कॉलेज की सोनिया सिंह : कुलाधिपति कांस्य पदक, दयानंद सरस्वती स्वर्ण, जैदेई देवी जयपुरिया स्वर्ण, डॉ. डीएस भाकुनी स्वर्ण पदक। 
6. पीपीएन कॉलेज की फातिमा फरहान : कुलाधिपति कांस्य पदक, स्व. हरिनाम सिंह श्रीवास्तव स्वर्ण पदक।
7. दयानंद कॉलेज ऑफ लॉ के हरकिरन कौर चावला :  कुलाधिपति कांस्य पदक, हींगवाला स्व. बाबू ताराचंद कपूर स्वर्ण पदक, स्व. बैरिएस्टर नरेंद्र जीत सिंह स्मारक स्वर्ण पदक, स्व. सुशीला नरेंद्र जीत सिंह स्वर्ण पदक। 
8. एएनडी कॉलेज की कनक सिंह : कुलाधिपति कांस्य पदक, डॉ. बृज किशोरी दुबे स्मारक स्वर्ण पदक, उर्मिला त्रिपाठी स्वर्ण, स्व. दीपशिखा सरदेसाई स्वर्ण पदक।
9. हरदोई के दिव्य कृपाल महाविद्यालय की मोना वर्मा : कुलाधिपति कांस्य पदक, कुलपति स्वर्ण पदक, सरदार इंदर सिंह स्वर्ण पदक। 
10. इटावा के चौ. सुघर सिंह एजुकेशन एकेडमी की मीनाक्षी यादव : कुलाधिपति कांस्य, सरदार इंदर सिंह स्वर्ण पदक, डॉ. एसएस शुक्ल स्वर्ण पदक।
11. उन्नाव के अशोक महाविद्यालय की कशिश गुप्ता :  कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक। 
12. एलेन हाउस बिजनेल स्कूल की अस्मिता त्रिपाठी : कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक।
13. सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ आर्ट्स ह्यूमैनिटी एंड सोशल साइंस की तान्या मिश्रा : कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक। 
14. फर्रखाबाद के नारायण आर्य कन्या महाविद्यालय की शुभी सक्सेना : कुलाधिपति कांस्य पदक, डॉ. निर्मला सक्सेना स्मारक स्वर्ण पदक।
15. इटावा के एसएस मेमोरियम महाविद्यालय की शाल्वी यादव : कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक। 
16. सीएसजेएमयू के यूआईटी के संचित गुप्ता : कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक।
17. सीएसजेएमयू के यूआईटी के तुषार पांडेय : कुलाधिपति कांस्य व कुलपति स्वर्ण पदक।
18. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की इशिता रस्तोगी : कुलपति स्वर्ण पदक, रामचंद्र मुसद्दी स्वर्ण पदक।
19. ज्वाला देवी विद्या मंदिर की नूतन : भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई स्वर्ण पदक, एमएम पांडेय स्वर्ण व स्व. सुमित सांमल स्मारक स्वर्ण पदक।
20. डीएवी कॉलेज की विदुषी मिश्रा : स्व. डॉ. वंशीधर स्वर्ण, स्व. लाला दीवानचंद्र स्वर्ण, 1008 स्वामी अखंडानंद परमहंस भगवती देवी स्वर्ण पदक।
21. इटावा के जनता कॉलेज की कीर्ति : कैलाशपत सिंहानिया स्वर्ण, सर सीवी रमन कमोमेरियन स्वर्ण पदक।
22. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की दीपांशी त्रिपाठी : लाला लक्ष्मीपत सिंहानिया स्वर्ण व डॉ. बीएन भल्ला स्वर्ण पदक। 
23 . उन्नाव के बाबू जयशंकर प्रसाद गया प्रसाद महाविद्यालय की मंजरी सिंह : शांति मोहनी स्वर्ण पदक, हींगवाला स्व. बाबूमातादीन कपूर स्वर्ण पदक।
24. सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की अंकिता धवन : स्व. जयनारायण गुप्त स्मारक स्वर्ण पदक, स्व. प्रेम नंदन दृढ़ोमर स्मारक स्वर्ण पदक।
25. सीएसजेएमयू के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट की वंशिका गुप्ता : स्व. जुगल देवी गुप्ता स्मारक स्वर्ण पदक, जेके स्वर्ण पदक।

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