बरेली: शासन से नहीं मिला बजट, गांवों में विकास कार्य ठप
बरेली, अमृत विचार। समस्याओं से जूझ रही जिले की ज्यादातर ग्राम पंचायतों को बजट की कमी भारी पड़ रही है। कई महीनों बाद भी शासन से 15वें वित्त का करीब 58 करोड़ रुपये का बजट जारी न होने से गांवों में स्वच्छता संबंधी कामों के साथ सड़क, नाली और खड़ंजा बनवाने जैसे काम अटक गए हैं।
शासन से ग्राम पंचायतों के विकास के लिए राज्य वित्त और 15 वें वित्त के तहत बजट दिया जाता है। राज्य वित्त में करीब 24 करोड़ रुपये दो किस्तों में जिले की 1188 ग्राम पंचायतों को कई महीने पहले मिले थे। इससे पंचायत सहायक, प्रधान, शौचालय के केयरटेकर के मानदेय के साथ स्कूल और ग्राम पंचायत के बिजली बिल जमा कराए गए थे। इसके बाद ग्राम पंचायतों का खजाना खाली हो गया। प्रधानों को उम्मीद थी कि जून में 15 वें वित्त का बजट मिल जाएगा लेकिन अब तक एक भी किस्त नहीं मिली है। इससे ग्राम पंचायतों में नाली और खड़ंजों के निर्माण जैसे प्रस्तावों का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
जिन ग्राम पंचायतों में बारिश के दौरान सड़कें और नालियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनमें ज्यादा समस्या झेलनी पड़ रही है। ज्यादातर गांवों में गंदगी और जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा लोगों को परेशान कर रही है लेकिन बजट न होने की वजह से कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
बोले प्रधान
गांवों को जरूरत के मुताबिक बजट नहीं मिल रहा है। 15वें वित्त का पैसा न मिलने से कई विकास कार्य रुके हुए हैं। अफसर जल्द बजट मिलने की बात कह रहे हैं। - आजाद मोहम्मद, प्रधान घुंसा, भोजीपुरा
पहले की तुलना में अब काफी कम बजट मिल रहा है। राज्य वित्त का पैसा खत्म हो चुका है। 15 वें वित्त में पैसा न आने से समस्याएं दूर करने में परेशानी आ रही है। -राहुल गंगवार, प्रधान मोहम्मदपुर, शेरगढ़
15वें वित्त में करीब 58 करोड़ का बजट जून में आने की उम्मीद थी जो अभी नहीं आया है। यह पैसा मिलने के बाद गांवों की अधिकांश समस्याओं का समाधान हो जाएगा। - धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ
ये भी पढे़ं- बरेली: डेंगू वार्ड हुआ फुल, बढ़ाए जाएंगे पांच बेड
