बरेली: सबसे बड़ा रुपैया... कमाई के लिए स्मार्ट सिटी की बसें हुईं देहाती
बरेली, अमृत विचार। बात सिटी बसों की कमाई की आई तो स्मार्ट सिटी का वादा एक किनारे रख दिया गया। बरेली स्मार्ट सिटी को दी गई 25 इलेक्ट्रिक सिटी बसों में से 18 पहले ही देहात के रूट पर दौड़ रही थीं, अब बाकी सात बसों में भी कुछ बसों को शेरगढ़, आंवला और शाही रूट पर चलाए जाने की तैयारी है।
स्मार्ट सिटी में लोगों को वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों में सफर की सुविधा देने की यह योजना इसलिए भी फेल हो गई क्योंकि अफसर इन बसों के लिए न स्टॉपेज तय कर सके न उनका टाइम चार्ट बना सके। बाकी कसर शहर में अवैध ऑटो से होने वाली कमाई का मोह न छोड़ पाने से पूरी हो गई।
बरेली स्मार्ट सिटी में चलाने के लिए पिछले साल शासन ने 25 बसें दी गई थीं। दावा किया गया था कि इन बसों के जरिए स्मार्ट सिटी के लोगों को सस्ते किराए में वातानुकूलित सफर की सुविधा दी जाएगी लेकिन बसें आने के बाद इस वादे के उलट कमाई पर जोर दिया जाने लगा। शुरू से ही इन बसों का किराया शहर में चलने वाले ऑटो से ज्यादा निर्धारित कर दिया गया।
इस वजह से जब इन बसों को शहर में उम्मीद के मुताबिक सवारियां नहीं मिलीं तो उन्हें स्मार्ट सिटी से हटाकर देहात के रूट पर चलाना शुरू कर दिया। फिलहाल शाही रूट पर 11 और फरीदपुर रूट पर सात बसें चलाई जा रही हैं। मिनी बाईपास से फनसिटी, सेटेलाइट तिराहा और जंक्शन होते हुए सिर्फ सात सिटी बसें शहर में चलाई जा रही हैं। अब इनमें से भी कुछ बसें शहर से हटाकर देहात में चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
ऑटो का न्यूनतम किराया पांच रुपये, सिटी बसों का 12
शहर में चल रही सिटी बसों का न्यूनतम किराया 12 रुपये तय किया गया है। ऑटो वालों का न्यूनतम किराया पांच रुपये से 10 रुपये तक है। छोटी दूरी के लिए सिटी बसों का किराया दुगने से भी ज्यादा पड़ता है इसलिए लोग उसे ऑटो का विकल्प ही नहीं मान रहे हैं। दूसरा कारण यह भी है कि ट्रैफिक पुलिस की बेपरवाही से सिटी बसें अक्सर शहर के चौराहों पर जाम में फंस जाती हैं। यही वजह है कि शाही और फरीदपुर रूट की तुलना में शहर में चलने वाली सिटी बसों में आय कम है।
नए रूट को कमिश्नर की मंजूरी
पिछले दिनों बरेली सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कमेटी की बैठक में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बरेली से शीशगढ़, शेरगढ़ और आंवला रूट पर इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाने को मंजूरी दे दी थी। उम्मीद है कि शहर में चलने वाली सिटी बसों के साथ दूसरे रूट की एक-दो बस को जल्द ही इन तीनों नए रूट पर चलाना शुरू कर दिया जाएगा।
जो बसें देहात में जा रही हैं, वे भी शहर से होकर गुजर रही है। सिटी बसों की आय बढ़ाने के लिए जरूरी कोशिश की जा रही हैं। जल्द ही देहात के कुछ और नए रूट पर सिटी बसें चलानी शुरू कर दी जाएंगी। - मनीषा दीक्षित, ऑपरेशन मैनेजर सिटी बस
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