लखनऊ : राजा भैया की बेगुनाही पर असर डाल सकती है गुलशन की गवाही

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सीओ जियाउल हक हत्याकांड में राजा भैया के साथ आरोपी रहा है गुलशन यादव

लखनऊ, अमृत विचार। कुंडा के तत्कालीन सीओ जियाउल हक हत्याकांड की नए सिरे से सीबीआई जांच विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के लिए वैसे तो कई मोर्चें पर मुश्किल खड़ी करने वाली हैं, लेकिन इसमें सबसे गंभीर कड़ी गुलशन यादव हो सकता हैं। पहली जांच में उन्हें मिली बेगुनाही पर गुलशन की गवाही असर डाल सकती है।

कुंडा निवासी गुलशन यादव कभी राजा भैया का हमसफर रहा है। सीओ जियाउल हक हत्याकांड में उनके साथ आरोपी भी रहा। सीबीआई की पहली जांच में राजा भैया के साथ उसे भी क्लीन चिट मिल चुकी है। बदले हालातों में दोनों लोगों के रास्ते अलग-अलग हो गए हैं। गुलशन यादव समाजवादी पार्टी में हैं और पिछले विधान सभा में चुनाव वह राजा भैया के सामने तनकर खड़ा रहा। अब राजा भैया भी मौके-बेमौके उसकी औकात बताने का कौई मौका नहीं छोड़ते हैं।

इन स्थितियों से यह माना जा रहा है कि राजा भैया के लिए यह दूसरी जांच आसान नहीं होगी। यह इसलिए भी कि इस बार की जांच उनकी ही भूमिका पर फोकस होगी, ऐसे में सीबीआई उनके सामने कई नए और पेचीदा सवालों के साथ मुखातिब होगी। इस दौरान गुलशन यादव से भी पूछताछ होगी। सीबीआई की भी पूरी कोशिश होगी कि गुलशन को राजा भैया के खिलाफ खड़ा किया जा सके। अगर ऐसा करने में कामयाब हो गई तो निश्चित तौर पर गुलशन से पूछताछ में मिले इनपुट महत्वपूर्ण होंगे। तब उस इनपुट के आधार पर सीबीआई की ओर से तैयार सवाल से बेदाग निकलना राजा भैया के लिए आसान नहीं माना जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर जानकारों का यह भी मानना है कि पहली जांच में राजा भैया खुद पहल करके पॉलिग्राफ टेस्ट (झूठ पकड़ने वाली जांच) से गुजरे थे। इसमें वह सीबीआई को बेदाग मिले थे। ऐसे में यह माना जा सकता है कि नए सिरे से दोबारा होने वाली सीबीआई जांच उनके सामने कोई बहुत मुश्किल नहीं खड़ा कर पाएगी। ज्यादा संभावना है कि गुलशन भी इस जांच में राजा भैया के खिलाफ न जाए।

यह थी घटना

दो मार्च 2013 को कुंडा के बल्लीपुर गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद सीओ जियाउल हक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान शव जैसे ही गांव पहुंचा तो वहां भीड़ इकठ्ठा हो गई। इसी बीच एक व्यक्ति ने सीओ जियाउल हक को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। तब आरोप लगा था कि जिसने गोली मारी वह राजा भैया का करीबी था। आरोप तो यह भी लगा था कि सीओ ने राजा भैया की हिस्ट्रीशीट खोल दी थी, जिससे वह नाराज थे।

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