बरेली: वायरल फोटो ने खोदी आरटीओ में भ्रष्टाचार की जड़ें

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रजनेश सक्सेना, बरेली। संभागीय परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि बिना सुविधा शुल्क दिए अधिकारियों की कलम नहीं चलती। किसी वाहन की फिटनेस करानी हो, लाइसेंस बनवाना हो या अन्य कोई काम हो सभी की कीमत तय है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें कार्यालय में …

रजनेश सक्सेना, बरेली। संभागीय परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि बिना सुविधा शुल्क दिए अधिकारियों की कलम नहीं चलती। किसी वाहन की फिटनेस करानी हो, लाइसेंस बनवाना हो या अन्य कोई काम हो सभी की कीमत तय है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें कार्यालय में बैठा एक युवक रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है।

चर्चा है कि जो युवक रुपये ले रहा है वह एक अधिकारी का खास है तथा कार्यालय के बाथरूम के पास बने कक्ष में वह बैठता है। वहीं आरआई इस पूरे घटनाक्रम से अंजान बने हुए हैं।

मंगलवार को संभागीय परिवहन विभाग का एक फोटो वायरल हुआ। इसमें एक युवक कार्यालय के अंदर एक कक्ष में कुर्सी पर बैठा हुआ सरकारी काम करता दिखाई दे रहा है। उसकी मेज पर रजिस्टर रखा है। फोटो देखकर लग रहा है कि वह सरकारी कर्मचारी है। एक युवक उसे कोई काम करने के लिए रुपये दे रहा है। हालांकि फोटो सर्दियों का है। लेकिन बताया यह जा रहा है कि यह कर्मचारी अब भी काम कर रहा है। इस युवक का नाम हरिंदर यादव बताया जा रहा है।

जब से शाहजहांपुर में विजिलेंस का छापा पड़ा है तब से इस युवक को नहीं बैठाया जा रहा है। सवाल यह है कि खुलेआम विभाग में सरकारी कर्मचारी की कुर्सी पर बैठकर वसूली बगैर किसी अधिकारी के मर्जी के कैसे हो सकती है। अब जब यह फोटो वायरल हुआ तो सभी अधिकारी इससे कन्नी काट रहे हैं। अधिकारी भी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं।

फिटनेस की सारी फाइलें यही युवक इकट्ठा करता था
बताया जा रहा है कि आरआई मानवेंद्र प्रताप सिंह जिस कमरे में बैठते हैं वहां से थोड़ी दूरी पर बाहर की ओर बाथरूम की तरफ ही इस युवक का कमरा बना है। वाहनों की फिटनेस के लिए आने वाली फाइलें इसी युवक के पास से होकर गुजरती थीं। यही युवक फाइलों को इकट्ठा करके आरआई के पास भेजता था।

“मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है, न ही इस नाम का कोई कर्मचारी मेरे कमरे के पास बैठता है। यदि ऐसा हो रहा है तो मैं इस मामले की जांच करवाता हूं।” -मानवेंद्र प्रताप सिंह, आरआई टेक्निकल

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