श्रीलंका के राष्ट्रपति Ranil Wickremesinghe ने ईस्टर पर हुए हमला मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच को किया खारिज, जानिए मामला

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कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने एक स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह द्वारा ईस्टर के मौके पर 2019 में किए गए बम विस्फोटों की अंतरराष्ट्रीय सहायता प्राप्त स्वतंत्र जांच से इनकार कर दिया है। उन्होंने पश्चिमी देशों के मीडिया की उसके ‘‘दोहरे मापदंडों’’ के लिए आलोचना की है। 

आईएसआईएस से जुड़े स्थानीय इस्लामी चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने 21 अप्रैल, 2019 को तीन कैथोलिक गिरिजाघर और कई होटलों को निशाना बनाकर श्रृंखलाबद्ध विस्फोट किए थे, जिसमें 11 भारतीय सहित लगभग 270 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए। सितंबर में, ब्रिटेन के ‘चैनल 4’ ने श्रीलंका में ईस्टर बम विस्फोट पर आधारित एक वृत्तचित्र प्रसारित किया, जिसमें इस हमले को अंजाम देने में खुफिया सेवा प्रमुख मेजर जनरल सुरेश सल्लाय सहित कुछ सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता और मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।

 वृत्तचित्र में हमलों को एक ‘‘मनगढ़ंत कृत्य’’ करार दिया गया, जिसका उद्देश्य तत्कालीन राजपक्षे बंधुओं के पक्ष में राजनीतिक माहौल तैयार करना था। ‘चैनल 4’ के आरोपों की पृष्ठभूमि में जर्मनी के सरकारी प्रसारक ‘डॉयचे वेले’ (डीडब्ल्यू) के साथ एक साक्षात्कार के दौरान, विक्रमसिंघे ने कहा, ‘‘श्रीलंका ईस्टर विस्फोटों के संबंध में कोई अंतरराष्ट्रीय जांच नहीं करेगा। पूर्ण विराम। कुछ लोग ऐसा चाहते होंगे, लेकिन संसद ऐसा नहीं चाहती।’’ 

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