Mahoba News: ग्राम रोजगार सेवकों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन, ये मांगें रखी
महोबा में ग्राम रोजगार सेवकों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन।
महोबा में ग्राम रोजगार सेवकों ने आठ सूत्री मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में रोजगार सेवक समिति ने की गई घोषणाओं को पूरा करने की मांग की।
महोबा, अमृत विचार। ग्राम रोजगार सेवक एकता समिति ने आठ सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश की तरह ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय में बढोत्तरी किए जाने, दुर्घटना होने पर मृतक आश्रित को नौकरी दिए जाने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने रोजगार सेवकों को आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेज दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों ने बताया कि वर्ष 2021 में लखनऊ में आयोजित सम्मेलन के मौके में मुख्यमंत्री ने ग्राम रोजगार सेवकों एवं मनरेगा कर्मियों के संबन्ध में की गई घोषाणाओं पर आज तक शासनादेश निर्गत नहीं किया गया।
ग्राम रोजगार सेवकों ने शासनादेश निर्गत किए जाने, जॉब कार्ड में अन्य कार्य जोड़ने, रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति से पूर्व उपायुक्त मनरेगा की सहमति, ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में पचास प्रतिशत कोटा ग्राम सेवकों के लिए आरक्षित किए जाने, ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायत के साथ साथ रिक्त ग्राम पंचायत में भी कार्य लिए जाने एवं मनरेगा की यूजर आई, पार्सवर्ड सिर्फ ग्राम रोजगार सेवकों को दिए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया कि कोविड के अतिरिक्त अकाष्मिक दुर्घटना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को सेवा में समायोजित किए जाने, ईपीएफ कटौती की धनराशि मनरेगा कर्मचारियों के यूएएन खाते में भेजी जाने, ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित करते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने व पदनाम ग्राम विकास सहायक किए जाने, पूर्व वित्तीय वर्षों का एवं वर्तमान का बकाया मानदेय दिलाए जाने की भी मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में हरेंद्र सक्सेना, संतोष कुमार, रजनी वर्मा, रवींद्र कुमार, सरमन गिरि गोस्वामी, सुरेशचंद्र मिश्रा, देवीप्रसाद सहित तमाम ग्राम रोजगार सेवक शामिल रहे।
