बरेली: शहर में कमजोर, ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों का डंक तेज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिस रफ्तार से मलेरिया और डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया का अधिक प्रकोप है।

जनवरी से अब तक जिले में मलेरिया के मामलों की संख्या 3 हजार के पार पहुंच गई है। डेंगू भी तेजी से पांव पसार रहा है। अब तक 150 से अधिक मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स की टीमों के साथ रोकथाम के लिए गठित टीमों को व्यापक रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के बाद मलेरिया के नए मामलों में तेजी आई है। बीते तीन माह से जिले में मलेरिया का प्रकोप चरम पर है। जिले में अब तक 3159 मरीज मलेरिया से ग्रसित मिले हैं। इनमें शहर में महज 18 मरीज ही सामने आए हैं। देहात के 459 गांव मलेरिया से प्रभावित हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया रोगियों की स्थिति
क्यारा में 31, भमोरा में 353, मझगवां में 151, रामनगर में 3, आंवला में 66, मीरगंज में 1044, फतेहगंज पश्चमी में 494, बिथरी चैनपुर में 128, फरीदपुर में 31, कुआंडांडा में 51, भोजीपुरा में 9, बहेड़ी में 9, मुड़िया नवी बख्स में 7, नवाबगंज में 13, दलेल नगर में 6 और शेरगढ़ में 74 मलेरिया रोगी सामने आ चुके हैं।

मलेरिया की रोकथाम के लिए जिले भर में व्यापक रूप से सर्वे किया जा रहा है। शहर की तुलना में देहात क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप अधिक है। हालांकि, बीते दिनों से मलेरिया के मामलों की संख्या घट रही है।-देशराज सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी

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