अयोध्या: जिले की 835 ग्राम पंचायतों में थमा विकास का पहिया, मार्च से नहीं मिली है पंद्रहवें वित्त आयोग की फूटी कौड़ी भी

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि अभी तक जिले की 835 ग्राम पंचायतों में नहीं पहुंची है। मार्च से धनराशि का इंतजार किया जा रहा है लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। जिसके चलते ग्राम पंचायतों में नाली, खंड़जे से लेकर अमृत सरोवरों तक का निर्माण ठप पड़ा है।

 अमृत विचार' की ओर से कराई गई पड़ताल में सामने आया है कि धनराशि न मिलने से विकास कार्य बंद पड़े हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के सात महीनें बीत जाने के बाद भी पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। 

रुदौली संवाददाता के अनुसार फरवरी के बाद से धनराशि नही आई है। निर्माण कार्यों और खरीददारी के लिए प्रधानों ने स्टीमेट के साथ कोटेशन भी मंगवाए लेकिन धन नही आने से काम नही हो सका। ग्राम गनौली के प्रधान बलभद्र यादव ने कहा कि गांव में पक्के सभी कार्य बंद हैं।

भेलसर गांव के प्रधान गय्यम ने बताया 15 वें वित्त की धनराशि से गांव के मुख्य नाले का निर्माण कराने का स्टीमेट बना रखा है। पैसा आए तो काम शुरू हो। खंड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता ने बताया रुदौली के 89गांव और विकास खंड मवई के 51 गांव में 15 वे वित्त आयोग की धनराशि इस वित्तीय वर्ष में नहीं आई। धनराशि न आने से 15वे वित्त से होने वाले विकास कार्य बंद है।

54 ग्राम पंचायतों में कच्चा काम हुआ ठप पड़े हैं पक्के कार्य 

वहीं बात करें अगर जिले के पूरा बाजार ब्लाक की तो यहां 54 ग्राम पंचायतों की झोली में मार्च से अब तक पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि नहीं पहुंची है। प्रधान नरायनपुर राजेश कोरी, प्रधान कर्मा कोडरी योगेंद्र सिंह, प्रधान कछौली सूबेदार यादव कहते हैं कि विगत मार्च से 15 वें वित्त आयोग का पैसा ग्राम पंचायत के खाते में नहीं आया है। पक्का निर्माण कार्य बंद है।

नरायनपुर के प्रधान राजेश कोरी ने बताया पूर्व माध्यमिक विद्यालय से बैजनाथ के घर तक इंटरलॉकिंग धनराशि न आने से बंद है। राज्य वित्त के पैसा से केवल मानदेय दिया गया है। प्रधान संघ के जिला उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह अंकुर बताते हैं गांव में होने वाले खड़ंजा सीसी मार्ग नाली निर्माण का कार्य ठप है। एडीओ पंचायत पूरा बाजार धनजीत ने बताया शीघ्र ही धनराशि आने की उम्मीद है।

पंद्रहवें वित्त आयोग की धनराशि केंद्र से राज्य सरकार को प्रदान की जाती है। राज्य सरकार प्रस्तावों का परीक्षण कर जिलों को भेजती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष की धनराशि के लिए पत्राचार चल रहा है।
                                                                - दीपक कुमार, जिला समन्वयक, ग्राम विकास विभाग

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