बरेली: उपभोक्ता बेहाल...बिजली अफसरों ने प्रभारी मंत्री को दिखा दिए फर्जी आंकड़े, जानिए मामला
जिला मुख्यालय पर 23.35 घंटे, तहसील पर 21 घंटे और ग्रामीण स्तर पर 17.38 घंटे बिजली देने की दे दी रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह को बिजली देने के फर्जी आंकड़े दिखाकर गुमराह कर दिया, जबकि शहर में जमकर बिजली कटौती हो रही है। अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री से कहा कि जिला मुख्यालय पर 23.35 घंटे, तहसील पर 21 घंटे और ग्रामीण स्तर पर 17.38 घंटे तक बिजली दी जा रही है।
बैठक में यह रिपोर्ट गूंजी तो जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को आड़े हाथों ले लिया। सभी एक स्वर में कहने लगे कि पूरी गर्मी निकल गई तक विभाग पांच से छह घंटे बिजली काटकर पेड़ों की टहनियों को कटवाने की खानापूरी कर रहा है।
इस पर प्रभारी मंत्री ने बिजली के अधिकारियों से नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने प्रभारी मंत्री को बताया कि फरीदपुर क्षेत्र की एक निजी काॅलोनी में पहले बिजली विभाग के कर्मचारी ने ट्रांसफार्मर रखवा दिया।
बाद में ट्रांसफार्मर चोरी हो गया। उसकी जगह विभाग के लोगों ने दूसरा ट्रांसफार्मर रखवा दिया। बंच केबल भी लगाई, लेकिन ऐसा खेल करने वाले कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। न ही रिपोर्ट पर कोई जांच। इस पर एसएसपी ने जांच कराकर दोषी को गिरफ्तार करने की बात कही।
गड्ढामुक्ति अभियान की खुली पोल, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी नहीं दे सके जवाब
बरेली। सड़कों की खराब स्थिति और गड्ढा मुक्ति अभियान में भ्रष्टाचार होने के मामले भी जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष उठाए। कहा कि ऐसी कोई विधानसभा नहीं है जहां सड़कों की हालत खराब न हो। गड्ढा मुक्ति अभियान पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कहां चलाया, इसका कोई हिसाब नहीं है।
इस पर प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने नाराजगी जताई। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को खड़ाकर जवाब मांगा तो वह सड़कों काे गड्ढामुक्त रखने के मामले में कोई ठोस उत्तर नहीं दे सके। प्रभारी मंत्री के सामने बरेली में गड्ढामुक्ति अभियान के विधानसभा के आंकड़े प्रस्तुत किए। इसमें सबसे खराब स्थिति बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र की थी।
यहां सिर्फ पांच प्रतिशत गड्ढे भरे गए हैं, जबकि 97.5 किलोमीटर में गड्ढे भरे जाने हैं। दूसरे नंबर पर मीरगंज विधानसभा है। यहां आठ प्रतिशत और तीसरे नंबर पर नवाबगंज में 10 प्रतिशत ही गड्ढे भरे जाने की रिपोर्ट दिखाई गई।
यह है गड्ढामुक्ति की विधानसभा वार रिपोर्ट
विधानसभा लंबाई किलोमीटर प्रगति प्रतिशत

शहरी क्षेत्र में शासन की मंशा के अनुरूप ही बिजली आपूर्ति दी जा रही है। कहीं फाल्ट या शटडाउन की वजह से बिजली गुल हो जाती है। अब नगर निकाय और रिवैंप योजना के तहत काम चल रहे हैं। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मुहैया कराई जाएगी---विकास सिंघल, अधीक्षण अभियंता।
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