बरेली: मजदूरों के रोजगार पर नहीं आएगा संकट, मनरेगा कार्यों को तत्काल मिलेगी वित्तीय स्वीकृति

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। मनरेगा से जुड़े कार्यों में वित्तीय स्वीकृति नहीं देने के मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार को अमृत विचार में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर डीसी मनरेगा ने भुता ब्लाक के बीडीओ और एपीओ को चेतावनी पत्र जारी किया है।

प्रधान संगठन के अध्यक्ष बुद्धपाल ने बताया कि पिछले दिनों आंवला सांसद समेत कई जनप्रतिनिधियों और अफसरों से प्रधान मिले थे। मनरेगा कार्यों में वित्तीय स्वीकृति देने के नाम पर सुविधा शुल्क की शिकायत की थी। मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का चार्ज किसी अन्य अफसर को देने की मांग की थी, लेकिन अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने ब्लाक की तमाम पंचायतों के प्रधानों के साथ सोमवार को मंडलायुक्त और शासन स्तर पर शिकायत करने की बात कही है।

भुता ब्लाक की 92 पंचायतों में पचास फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधान मनरेगा से जुड़े कच्चे कार्यों की वित्तीय स्वीकृत न मिलने से परेशान हैं। वे ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं। गांव मल्लहपुर, नगीरामपुर, कंजा चकरपुर, कुईया रामपुरा समेत कई पंचायतें में विकास कार्य ठप हैं। सैकड़ों मजदूरों से भी रोजगार छिन गया है। बुद्धपाल ने बताया उन्होंने भी गांव में 14 कैटल शेड बनवाए थे। इनमें छह का पैसा अब तक नहीं मिला है।

मची खलबली तो एपीओ भी पहुंचे गए ब्लाक
भुता ब्लाक के एपीओ पंकज सक्सेना तबीयत खराब होने की वजह से पिछले सप्ताह से अवकाश पर थे। शुक्रवार को वित्तीय स्वीकृति नहीं देने का मामला सुर्खियां बना तो मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी/ डीसी एनआरएलएम समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारियों में खलबली मच गई। एपीओ सुबह ही कार्यालय पहुंच गए। सबसे पहले प्रधानों से संपर्क किया फिर एक एक कर सात से आठ ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़े लंबित कार्यों में वित्तीय स्वीकृति दे दी।

मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी भी है जिम्मेदार
ग्राम प्रधानों का कहना है कि ब्लाक में मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का जिम्मा डीसी एनआरएलएम पर है। पूर्व में तैनाती के दौरान गड़बड़ी की शिकायत पर इनको दूसरे ब्लाक भेज दिया गया था। इसके बाद फरीदपुर के एक माननीय की सिफारिश से दबाव में आए अफसर ने भुता ब्लाक का चार्ज दे दिया। दूसरे बार ब्लाक में बतौर मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का चार्ज मिलने पर कमीशनखोरी फिर शुरू हो गई।

मनरेगा से जुड़ा हर काम नियम के तहत होगा। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद भी मनरेगा से जुड़े कार्यों की वित्तीय स्वीकृत नहीं देने के मामले में बीडीओ और एपीओ को चेतावनी पत्र जारी किया गया है---मो. हसीब अंसारी, डीसी मनरेगा।

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