भ्रष्टाचार पर वार : घूसखोर इंस्पेक्टर निलंबित, कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा
एंटी करप्शन की स्पेशल कोर्ट में पेश किए गए इंस्पेक्टर वली मोहम्मद, चार्जशीट दाखिल होने के बाद होगी आय से अधिक संपत्ति की जांच
मुरादाबाद, अमृत विचार। घूसखोर इंस्पेक्टर वली मोहम्मद को शुक्रवार को एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) टीम ने बरेली में स्पेशल कोर्ट में पेश किया है। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। साथ ही विवेचक को जल्द ही विवेचना पूर्ण का चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित भी कर दिया है। इसकी पुष्टि उनके पीआरओ आशीष कुमार ने की है।
डिप्टी एसपी एंटी करप्शन श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर के मामले की विवेचना एंटी करप्शन के निरीक्षक विनोद सिंह कर रहे हैं। अब वह आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र करेंगे और संंबंधित गवाहों के बयान दर्ज करेंगे। साथ ही पकड़े गए नोटों और हाथ के धोवन को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल होने के बाद सक्षम स्तर से अनुमति लेकर एंटी करप्शन टीम के अधिकारी उसके मूल निवास अलीगढ़ जिले के थाना-कस्बा गोधा जाकर आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच करेंगे।
उधर, पता चला है कि पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र पर एंटी करप्शन टीम ने आरोपी इंस्पेक्टर पर सीधे कार्रवाई न कर पहले मामले की सत्यता भी जांची थी। जांच में जब वह वाकई भ्रष्ट पाया गया तो रिपोर्ट के आधार बिना देरी किए एंटी करप्शन के पुलिस अधीक्षक ने बीते बुधवार को ही आरोपी इंस्पेक्टर को रंगेहाथों पकड़ने के लिए निरीक्षक रश्मि चौधरी के नेतृत्व वाली 10 सदस्यीय टीम गठित की थी। गुरुवार को सुबह 9.30 टीम संग रश्मि चौधरी ने डीएम कार्यालय पहुंचकर दो स्वतंत्र साक्षी के तौर पर एडीएम प्रशासन के स्टेनो त्रिवेद चौधरी व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सत्यपाल सिंह को साथ लिया। इसके बाद वापस एंटी करप्शन कार्यालय आईं, जहां शिकायतकर्ता बिजेंद्र सिंह को साथ लेकर आरोपी इंस्पेक्टर वली मोहम्मद को दबोचने पुलिस लाइन पहुंची थीं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक यातायात कार्यालय की दूसरी मंजिल पर अपराध शाखा कार्यालय में दोपहर 12.58 बजे इंस्पेक्टर वली मोहम्मद को रंगेहाथ 7000 रुपये घूस संग दबोचा था।
आरोपी हरिभगवान व राजवती की गिरफ्तारी को मांगे थे रुपये
एंटी करप्शन की निरीक्षक रश्मि चौधरी ने बताया कि संभल के थाना रजपुरा के पतेई गांव के बिजेंद्र सिंह ने प्रभारी निरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय में आकर 3 अक्टूबर को प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़ित ने बताया था कि उसके पिता राजवीर सिंह की हत्या के मामले में विवेचना इंस्पेक्टर वली मोहम्मद कर रहे हैं। विवेचना में नामजद आरोपियों के अलावा पुष्पेंद्र, मानक, हरिभगवान, राजवती उर्फ रामवती के नाम भी प्रकाश में आए थे। हरिभगवान व राजवती की गिरफ्तारी के लिए विवेचक उससे 7000 रुपये की घूस मांग रहे थे।
दबोचने से पहले हुई जांच में भी साबित हुआ भ्रष्ट लोक सेवक
पीड़ित बिजेंद्र सिंह के दिए गए प्रार्थना पत्र में अंकित इंस्पेक्टर वली मोहम्मद के विरुद्ध आरोपों की जांच एंटी करप्शन मुरादाबाद के दरोगा विजय कुमार ने की थी। जांच में पाया गया कि वली मोहम्मद की आम छवि एक भ्रष्ट लोक सेवक की है, जो बिना रिश्वत के कोई भी सरकारी कार्य नहीं करता है। प्रकरण ट्रैप योग्य मिलने पर प्री-ट्रैप आख्या दरोगा विजय कुमार ने अधिकारियों बुधवार को ही सौंपी थी। फिर आरोपी इंस्पेक्टर वली मोहम्मद को रंगेहाथों पकड़ने की तैयारी शुरू हो गई थी।
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