बरेली: निराश्रित गोवंश के झूठे आंकड़ों पर फिर बिगड़े पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह बोले - अफसरों को शर्म नही लगती, इस बार छोडूंगा नही सीधे निलंबित करूंगा
बरेली, अमृत विचार। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में निराश्रित गोवंश को लेकर आयोजित बैठक में धर्मपाल सिंह ने सबसे पहले पशुओं में फैल रहे लंपी रोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा पहले पश्चिम से पूरब के जिलों में लंपी रोग ने पांव पसारे अब पूरब से पश्चिम की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें।
इसके बाद निराश्रित गोवंश को लेकर सीडीओ ने आंकड़े पेश किए और बताया 6972 गोवंश संरक्षित कर लिए गए हैं। केवल 387 गोवंश अवशेष है। यह सुनते ही मंत्री का पारा चढ़ गया और बोले यहां आंकड़े पूरी तरह से फर्जी हैं। शहर से लेकर गांव में हजारों गोवंश सड़को से लेकर गलियों और खेतों में घूम रहे हैं।
मात्र 387 निराश्रित गोवंश का आंकड़ा देने वाले अफसरों को शर्म भी नही लगती। इसी दौरान मझगवा में छुट्टा पशुओं को लेकर बीडीओ की तारीफ कर सीडीओ और सीवीओ ने फिर मोर्चा संभालने की कोशिश की।
इस पर मंत्री बोले अब भी शर्म नही आ रही, मझगवां में कोई काम अच्छा नहीं हुआ, सबसे अधिक निराश्रित गोवंश मेरे तहसील में है। व्यवस्थाएं इतनी ठीक होती तो आंवला में कार्यक्रम में जाते समय इतनी किरकरी नहीं झेलने पड़ती। हर गांव में 800 से 900 गोवंश अब भी छुट्टा घूम रहे हैं।
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31 दिसंबर तक चलेगा अभियान, इसके बाद पशुपालकों पर लिखाई जायेगी रिपोर्ट
धर्मपाल सिंह ने कहा एक नवंबर से 31 दिसंबर तक निराश्रित गोवंश को लेकर प्रदेश के समस्त जनपदों में वृहद अभियान चलाया जायेगा। इसमें निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थल पहुंचाया जाएगा। नई गौशालाएं बनेंगी। 31 दिसंबर के बाद खेत में सड़कों पर या गलियों में कोई भी पशु नजर आया तो उसे कांजी हाउस भेजा जाएगा। यहां कान में लगे टैग से गोवंश के मालिक का पता लगाने के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा।
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