यूपीआईएसजी कॉन्फ्रेंस में बोले डिप्टी सीएम - जीवनशैली में बदलाव बना रहा बीमार
लखनऊ, अमृत विचार। बीमारियों से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार लाने की जरूरत है। जीवनशैली में सुधार प्राकृति के समीप रहकर ही किया जा सकता है। तभी बीमारियों बचाव संभव है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। उन्होंने यह बातें शनिवार को गोमती नगर स्थित निजी होटल में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की (यूपीआईएसजी- 2023) संगोष्ठी में कहीं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते आधुनिकता के कारण जीवनशैली में बदलावा हो रहा है। उसको सही करने के साथ ही मोटे अनाज के सेवन से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है।
इस अवसर पर नई दिल्ली से आये डॉ. रणधीर सूद ने बताया कि इण्डोस्कोपी से तीन सेन्टीमीटर से भी बड़ी पथरी को भी वहीं पर तोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभी तक पथरी या ट्यूमर निकालने के लिए आपरेशन करना पड़ता था। एंडोस्कोपी से पथरी और ट्यूमर का इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि अभी तक एंडोस्कोपी पित की नली में डाला जा सकता था, जिससे बीमारी की सही स्थिति का पता नहीं चल पाता था। लेकिन मौजूदा समय में एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलेंजियोपैंक्रेटोग्राफी (ईआरसीपी) तकनीक से पथरी निकाली जा सकती है और उसके बाद मरीज उसी दिन घर जा सकता है। इसमें खतरा भी बहुत कम होता है। इसके अलावा अब सभी प्रकार के ट्यूमर को निकाने की जरूरत नहीं है। ट्यूमर को वहीं पर जलाया जा सकता है।
यूपीआईएसजी-2023 के आयोजन अवसर पर आयोजन अध्यक्ष डॉ. पुनीत मेहरोत्रा, अयोजन सचिव डॉ सुमित रूंगटा मौजूद रहे।
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