Kanpur News: ज्वार की पत्तियों से चप्पल और बैग बनाए, CSA की छात्राओं व शोधार्थियों ने किया तैयार, कीमत बेहद कम
कानपुर में सीएसए की छात्राओं व शोधार्थियों ने ज्वार की पत्तियों से चप्पल और बैग बनाए ।
कानपुर में सीएसए के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की छात्राओं व शोधार्थियों ने तैयार किया। छात्राओं ने ज्वार की पत्तियों से चप्पल और बैग बनाए।
कानपुर, अमृत विचार। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस की टेक्सटाइल एंड क्लोदिंग विभाग की छात्राओं ने कृषि अवशेषों से सजावटी सामान तैयार किए हैं।
इन्हें विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय कृषि मेले में लगी प्रदर्शनी में रखा गया है। एमएससी प्रथम वर्ष की दामिनी, रश्मी, पीएचडी की साक्षी, महिमा, वैशाली ने ज्वार की पत्तियों से चप्पल, बैग, पर्स तैयार किए हैं। इनकी कीमत बेहद कम है, जबकि औषधीय गुणों की वजह से बाजार में मांग बढ़ सकती है।
ज्वार की चप्पल से कुदरती तरीके से एक्यूप्रेशर होता है, जबकि फटी हुई एड़ियों को भरने में सहयोग करेगी। पैरों को राहत महसूस होगा और पसीने की समस्या नहीं आएगी। छात्राओं ने कई अन्य फसलों की डंठल से माला, कंगन और घर के सजावटी सामान तैयार किए हैं।
एक्सटेंशन एजुकेशन से पीएचडी कर रही ऐश्वर्या सिंह व दिव्यांका तिवारी ने बेकार की वस्तुओं से गुलदस्ता, टोकरी, पूजा की थाली, गुड्डे और गुड़िया बनाई है। इनका बनाने का प्रशिक्षण गांवा की महिलाओं और युवतियों को दिया जा रहा है।
कॉटन से ज्यादा मुलायम कपड़ा बनाया
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की वस्त्र एवं परिधान विभाग के विशेषज्ञों ने कॉटन से ज्यादा मुलायम कपड़ा तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। यह कपड़ा मोटे अनाज इंद्र जौ से तैयार हुआ है। शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल नैचुरल फाइबर में प्रकाशित हो चुका है। तकनीक को पेटेंट कराया जा रहा है।
प्रो. रितु पांडेय और उनकी शोधार्थियों ने इंद्र जौ से रेशा निकाला। इसका धागा तैयार किया गया। इस धागे से फाइबर और फिर फाइबर से कपड़ा बनाया गया। प्रो. रितु के मुताबिक यह कपड़ा छोटे बच्चों के लिए बेहद आरामदायक रहेगा।
उन्हें किसी भी तरह की जलन और चुभन महसूस नहीं होगी। इसपर अभी और कार्य चल रहा है। उनकी टीम ने कमल के डंठल से भी कपड़ा तैयार किया है। इसकी अलग खूबियां है। बाजार में इसकी कीमत काफी ज्यादा रहेगी। यह पशमिना से ज्यादा पतला है। इसको अंगूठी से बाहर निकाला जा सकता है।
