विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस : बढ़ाएं शारीरिक गतिविधियां, मानसिक विकार से होगा बचाव

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Edited By Amrit Vichar
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अनियमित दिनचर्या के चलते बढ़ रही युवा मानसिक रोगियों की संख्या, पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक प्रभावित, मन कक्ष में हो रही काउंसिलिंग

बरेली, अमृत विचार। अक्सर बुजुर्ग मरीज अनिद्रा, अवसाद समेत अन्य मानसिक विकारों से ग्रसित मिलते रहे हैं लेकिन लोग अपनी दिनचर्या से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसकी वजह से हर वर्ग के लोग मानसिक विकारों की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं। युवा भी इससे अछूते नहीं है। जिला अस्पताल स्थित मन कक्ष में मानसिक रोगों से ग्रसित युवाओं की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। हर महीने 30 से 50 युवा मानसिक रोग जैसे मेनिया यानि उन्माद और अवसाद से ग्रसित होने पर यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अवसाद की समस्या अधिक है।

मन कक्ष प्रभारी डॉ. आशीष का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण गुड हार्मोन सेरोटोनिन रिलीज कम होता है, जो सीधे तौर पर मूड को ठीक रखने के लिए आवश्यक है। इस स्थिति में आप में सकारात्मक भावनाओं की कमी हो सकती है। वहीं नियमित योग-व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर इस तरह के जोखिमों को कम किया जा सकता है। नींद की कमी भी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। नींद की कमी मस्तिष्क के कुछ हिस्सों की गतिविधि बदल सकती है। यदि आप कम नींद लेते हैं, तो ये आपके निर्णय लेने, समस्याओं को सुलझाने, अपनी भावनाओं और व्यवहार को नियंत्रित करने की स्थिति में बदलाव का भी कारण बन सकती है। सभी लोगों के लिए रोजाना रात में कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेगा शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अंतर्गत जिला अस्पताल समेत सीएचसी-पीएचसी पर शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मन कक्ष की टीम मरीजों को परामर्श के साथ ही बचाव के प्रति जागरूक करेंगे।

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