बरेली: खेत में सोने की अशरफी बताकर मांगी बेटे की बलि

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Edited By Amrit Vichar
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पीड़ित ने बली की जगह दिए छह लाख नकद, बाबा ने थमा दी पीतल की अशरफी

बरेली, अमृत विचार। एक ऑटो चालक से बाबा ने खेत में सोने की अशरफी होने की बात कहकर बेटे की बलि देने की मांग की। बेटे की बलि देने से इन्कार करने पर बाबा ने काले हिरन का कस्तूरी दाना खरीदने के नाम पर छह लाख रुपये ले लिए और उसे पीतल की अशरफी थमा दीं। पीड़ित पीतल की अशरफी लेकर सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा और मामले में कार्रवाई की मांग की। सुनवाई कर रहे अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

ग्राम कृतकपुर मीरगंज निवासी ऑटो चालक तारा चंद ने बताया कि एक युवक से उनकी मुलाकात कचहरी पर हुई। उसने कहा कि क्या परेशानी है, बार-बार कचहरी आते हो। इस पर उन्होंने परेशानी दूर होने के बारे में पूछा तो उसने अम्बरपुर प्रहलापुर भोजीपुरा निवासी युवक का नंबर देते हुए बताया कि वह उसके गुरु हैं। इनसे मिल लेना तुम्हारी सभी परेशानी दूर हो जाएगी। जिनसे बात करने पर बिलवा पुल के नीचे मिलने को बुलाया। आरोप है कि उसने उनके गांव का नाम पूछा और उनके खेत में ले गया। जहां पर थोड़ी सी मिट्टी खोद कर बताया कि यहां पर सोने की अशरफी है, लेकिन, यह तुम्हारे बेटे की बलि मांग रही है। जिस पर उन्होंने मना कर दिया। 

इस पर ठग ने काले हिरन का कस्तुरी दाना खरीदने के नाम पर उनसे छह लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 20 दिन का समय मांगा। करीब 20 दिन बाद उन्होंने रुपये दिए, जिसके बाद ठग ने देर रात खेत में ले जाकर फिर खुदाई की। रात में चमकदार अशरफियां निकलीं। जिसे उसने एक कपड़े में देते हुए कहा कि इसे 21 दिन तक खोलकर मद देखना नहीं तो यह पीतल की हो जाएंगी। 21 दिन बाद खोलकर देखने पर पता चला कि यह पीतल की है। आरोपी ठग का भाई वर्तमान प्रधान है। ठग पर पहले भी कई मुकदमें दर्ज हैं।

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