बरेली: रिश्वतकांड मामले की जांच एसएसपी ने एसपी सिटी को सौंपी
राजस्व संग्रह अमीन संघ ने एसएसपी से की शिकायत, विपक्षी ने भी जान का बताया खतरा
बरेली, अमृत विचार। पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए संग्रह अमीन रामजी शरण को गिरफ्तार करने वाली एंटी करप्शन टीम विवादों में घिर गई है। सोमवार को राजस्व संग्रह अमीन संघ उत्तर प्रदेश की शिकायत पर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने पूरे मामले की जांच एसपी सिटी राहुल भाटी को सौंप दी है। संग्रह अमीन को गिरफ्तार करने से पहले और बाद का विपक्षी पार्टी और एक लाइजनर के साथ एंटी करप्शन टीम का वीडियो वायरल हुआ था। वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष ने भी एसएसपी को शिकायत देकर दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपियों की गिरफ्तारी करने और जान माल का खतरा बताया है।
राजस्व संग्रह अमीन संघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह और जिला मंत्री जोरावर सिंह के साथ संगठन के कई पदाधिकारियों ने सोमवार को एसएसपी से मिलकर मामले की शिकायत की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 5 अक्टूबर को संग्रह अमीन सर्वेश कुमार और सूर्यप्रकाश तीन बजे जंक्शन रोड स्थित कृष्णा भोजनालय पर खाना खाने गए। जहां पर संग्रह रामजी शरण को गिरफ्तार करने वाली एंटी करप्शन टीम के साथ अमीन मनोज कुमार यादव बैठे हुए थे। जिसमें दो अज्ञात भी शामिल थे। आरोप है कि दोनों को देखते ही हंसकर बोले आप भी आइये और हमारे जश्न में शामिल हो जाइए। जिस पर दोनों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किए तो मनोज कुमार यादव और ट्रेप में शामिल लोगों ने विवाद कर मारपीट की।
आरोप है कि मनोज ने कहा कि अभी एक ही अमीन जेल गया है न जाने कितने और जाएंगे। क्योंकि तुम 27 के 27 अमीन एकजुट हो और वह अकेला है, फिर भी तुम सब पर भारी हूं। उसके एंटी करप्शन के लोगों से बहुत अच्छे संबंध हैं। वहीं, मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने दोनों संग्रह अमीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है। साथ ही जान का खतरा बताया है। पूरे मामले में एसएसपी ने एसपी सिटी को जांच सौंप दी है।
रसीद बनाते ही गिरफ्तार करने का आरोप
संघ के लोगों ने दी शिकायत में आरोप लगाया कि जिस याकूब खां की शिकायत पर संग्रह अमीन रामजी शरण को गिरफ्तार किया गया। यह एक साजिश के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि शिकायतकर्ता 10 हजार रुपये लेकर आया था, जिस पर रामजी शरण ने कम से कम 15 हजार जमा करने को कहा। इस पर वह 10 हजार देकर गया और पांच हजार थोड़ी देर में लेकर आने को कहा। 25 मिनट बाद वापस आया और पांच हजार रुपये दिया। जिसे रामजी शरण ने जेब में रख कर रसीद बनाना शुरू किया कि इसी बीच एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
लाइजनर साठगांठ में जुटा
गिरफ्तारी कराने के मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाला लाइजनर जैसे-जैसे फंसता जा रहा है, उसने बचने के लिए साठगांठ करना शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत की गई है। पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी-घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी।
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