UP: न डरूंगा, न झुकूंगा अन्याय और अंहकार से लड़ता रहूंगा… पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने जेल में प्रताड़ित करने पर लिखा पत्र

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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जालौन जेल से पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने पत्र लिखा।

जालौन जेल से पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने पत्र लिखा। उन्होंने लिखा कि जेल में प्रताड़ित करने की भरपूर कोशिश की जा रही। न डरूंगा, न झुकूंगा अन्याय और अंहकार से लड़ता रहूंगा।

जालौन, अमृत विचार। आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के एक मामले में जेल भेजे गए पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित ने मंगलवार को जेल से अपनों के नाम एक पाती भेजी है। इसमें उन्होंने अपनी जेल यात्रा का जिक्र किया है। लिखा है कि उन्हें जेल में प्रताड़ित करने की भरपूर कोशिश की गई है। वह अंहकार और अन्याय के सामने न तो डरूंगा और न ही झुकूंगा, हमेशा लड़ता रहूंगा। उनकी यह पाती चर्चा की विषय बनी हुई है। 

जानकारी के अनुसार पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित ने 10 अक्टूबर को जेल से अपनों के नाम एक पाती भेजी है। इसमें उन्होंने अपनी जेल यात्रा का जिक्र किया है। पाती में लिखा है कि  वह जीवन के सबसे कठिन और संघर्ष के दौर से गुजर रहे है। ऐसे में आप सभी का समर्थन और प्यार मुझे संबल दे रहा है। बचपन की एक जिद की मुझे समाजसेवा करनी है, मुझे जेल की सलाखों तक पहुंचा देगी नहीं पता था।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ जब कारावास भेजकर नेस्तानाबूत करने की कोशिश हुई हो, लेकिन इस बार षड़यंत्रकारी सफल हो गए। उन्होंने अपने लोगों के समर्थन की बात और उनके आंसुओ के साथ रूंधे गले की बात लिखी। उन्होंने पाती में लिखा कि बाहर तो साजिश हुई ही है जेल के अंदर भी मुझे प्रताड़ित करने की भरपूर कोशिश हुई है। बैरक की लाइट काट दी गई, खाने पीने तक के लिए परेशान किया गया।

किसी से मिलने नहीं दिया। उन्होंने लिखा है कि आपके अपनेपन ने मुझे अन्याय से लड़ने का साहस दिया। उन्होंने पाती में अपनी पीड़ा और विरोधी के षड़यंत्र के साथ अपनों के प्यार और समर्थन की बात को लिखा है।

स्वाभिमान को तोड़ दिया, लेकिन उन्हें नहीं पता कि मेरा आत्म बल अब और मजबूत हुआ है। सुदामा की इस पाती से उनके परिवारीजन भावुक हो गए। उनके भाई आशीष दीक्षित ने कहा कि मेरा भाई इतना कमजोर नहीं है कि वह टूट जाए। उनके साथ में हजारों लोगों की दुआएं है। 

सोशल मीडिया पर समर्थन की लगाई मुहर

पूर्व ब्लाक प्रमुख की जेल से पाती जैसे ही बाहर आई तो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल पाती पर अपनी प्रतिक्रिया दी और अपने समर्थन की मुहर लगाई। लोगों ने माना है कि जनपद में ऐसी गंदी राजनीति इसके पहले कभी नहीं हुई।

वायरल ऑडियो से षड़यंत्र हुआ था उजागर

26 सिंतबर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस प्रशासन इस बात को जान रहा था कि मामला राजनीतिक द्वैष भावना का है इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी शासन सत्ता की नजर में भले बने रहने के लिए इस तरह से की गई थी, जैसे वह कुख्यात अपराधी हों।

इसके बाद उनके समर्थकों को जब यह आभाष हुआ कि कोई अनहोनी हो सकती है तो फिर पुलिस लाइन से लेकर कोतवाली, अस्पताल और न्यायालय के बाहर से लेकर जब तक सुदामा जेल के अंदर नहीं हो गए एक पल के लिए समर्थक दूर नहीं हुए। इस मामले को बुद्धजीवी वर्ग ने राजनीतिक षड़यंत्र माना था, इस बात पर 03 अक्टूबर को वायरल हुए ऑडियो ने सब कुछ साफ कर दिया था।

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