प्रयागराज: राधास्वामी सत्संग भवन मामले में भूमि स्वामित्व का मूल रिकॉर्ड तलब
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अपने 27 सितंबर के पिछले आदेश को आगामी 16 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है, जिसमें आगरा के दयालबाग स्थित धर्मार्थ संस्था राधास्वामी सत्संग सभा के दावे वाली भूमि पर स्थानीय प्राधिकारी द्वारा किए जा रहे विध्वंस अभियान पर रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने मंगलवार को आगरा प्राधिकरण को सत्संग सभा भूमि के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के लिए कहा और मामले में अगली सुनवाई की तिथि 16 अक्टूबर तय करते हुए तब तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।
उक्त आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकलपीठ ने राधास्वामी सत्संग सभा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में तर्क दिया गया है कि संबंधित प्राधिकारी के पास विवादित भूमि पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं था, फिर भी उसने विध्वंस आदेश पारित होने से पहले ही समिति द्वारा बनाए गए गेट और चहारदीवारी को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि जिन दो संपत्तियों पर विध्वंस कार्य किया गया है, वे अलग-अलग कार्यवाही में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेशों द्वारा संरक्षित हैं।
याचिका में आगे कहा गया है कि पुलिस ने राधास्वामी सत्संग सभा के मैदान में इकट्ठा हुए सेवकों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी या नोटिस के लाठी चार्ज किया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि पुलिस ने सत्संगियों के जिस समूह को पीटा, उसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। राज्य सरकार की ओर से मौजूदा याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि उस जमीन पर अतिक्रमण करके निर्माण किया गया है।
मालूम हो कि 24 सितंबर 2023 को जब राजस्व विभाग की टीम निर्माण ध्वस्त करने के लिए मौके पर पहुंची तो राधास्वामी सत्संग सभा के लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई जिसमें कई लोग घायल हुए।
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