प्रयागराज: हाईकोर्ट ने महिला सिविल जज के साथ 'असभ्य' व्यवहार करने पर सीओ को जारी किया अवमानना नोटिस
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में तैनात पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट के प्रति अनादर दिखाने और अदालत को असभ्य तथा अवमाननापूर्ण ढंग से अपना नाम बताने के लिए कारण बताओ आपराधिक अवमानना नोटिस जारी किया गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुरादाबाद द्वारा की गई शिकायत के आधार पर राजेश कुमार तिवारी, सर्किल अधिकारी, ठाकुरद्वारा के खिलाफ न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी की खंडपीठ ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना नोटिस जारी की। संबंधित अदालत ने अपने संदर्भ में बताया कि 24 जुलाई 2023 को छेड़खानी और दलित उत्पीड़न मामले की पीड़िता के बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सीओ, मुरादाबाद ने अदालत के प्रति अनादर दिखाया और इस आधार पर अपना नाम प्रकट करने से इनकार कर दिया कि न्यायाधीश इसे रिकॉर्ड से देख सकती हैं और उसे अपना नाम बताने की आवश्यकता नहीं है।
जांच अधिकारी ने बाद में अदालत को असभ्य और अवमाननापूर्ण ढंग से अपना नाम बताते हुए कहा... मैं सीओ ठाकुरद्वारा हूं, नाम फाइल में पढ़ लो। इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी जताया कि यह पहली बार नहीं था कि वह सीआरपीसी की धारा 164 के तहत एक बयान लिख रहा था, इसीलिए उसे प्रक्रिया नहीं सिखाई जानी चाहिए। इसके बाद वह कुटिल मुस्कान के साथ कोर्ट रूम से बाहर चला गया। सिविल जज ने सीओ के इस बर्ताव की शिकायत जिला जज और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से की थी। इसके बाद जिला जज ने एसएसपी, मुरादाबाद के माध्यम से सीओ को तलब भी किया था। इसके बाद जिला जज ने पूरा प्रकरण हाईकोर्ट को संदर्भित कर दिया।
जिस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए अदालती कार्यवाही के दौरान महिला जज का तिरस्कार करने और रौब दिखाने पर सीओ को दोषी माना तथा उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना नोटिस जारी किया। कोर्ट ने नोटिस की तामील के बाद मामले को सूचीबद्ध करने का भी निर्देश दिया है। शिकायती पत्र की कॉपी भी सीओ को देने के लिए कहा गया है, ताकि वह कोर्ट में स्पष्ट जवाब के साथ हाजिर हों।
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