बरेली: पुलिस की पिटाई से नहीं...बीमारी से हुई थी वीरपाल की मौत, जानिए मामला
सपा जिलाध्यक्ष समेत पदाधिकारियों ने एसपी देहात को पुलिस कर्मियों के खिलाफ दिया शिकायती पत्र
फोटो- पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे पूर्व विधायक विजयपाल व वीरपाल के परिजन।
बरेली, अमृत विचार। जेल में बंदी वीरपाल की मौत पुलिस की पिटाई से नहीं बल्कि बीमारी से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। वहीं जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप के साथ सपा नेता एसपी देहात से मिले और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
भुता थाना क्षेत्र के गांव डबौरा निवासी वीरपाल को पुलिस पर हमले के आरोप में सात अक्टूबर को गिरफ्तार करके केंद्रीय कारागार-2 में भेजा था। आठ अक्टूबर को वीरपाल की हालत खराब होने पर जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 अक्टूबर को जेल अस्पताल में वीरपाल की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने भुता थाने में तैनात दरोगा
चैनूराम, सिपाही संजीव पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया था। वीरपाल का बेटा राजकुमार सेना में है। उनकी तैनाती झांसी में है। बुधवार को राजकुमार के आने बाद के दो डॉक्टरों के पैनल में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वीरपाल की मौत बीमारी के कारण हुई है।
सपा जिलाध्यक्ष ने एसपी देहात को दिया शिकायती पत्र
वीरपाल के भाई कल्यान के साथ सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, समेत कई पदाधिकारी एसपी देहात मुकेश कुमार मिश्रा से मिले और शिकायती पत्र देकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
कल्यान का आरोप है कि उनका भाई निर्दोष था। रिपोर्ट दर्ज होने बाद वीरपाल ने न्यायालय में आत्म समर्पण किया और वहां से जेल गए। जेल में उनकी हत्या करा दी गई। एसपी देहात ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम हाउस पर पूर्व विधायक विजयपाल सिंह समेत सपा के अन्य पदाधिकारी पहुंचे और शोक संवेदना प्रकट की।
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