Kanpur: होटल, रेस्टोरेंट में मोटे अनाज के व्यंजन होंगे जरूरी, प्रदेश सरकार के निर्देश पर शहर में भाजपा नेतृत्व ने शुरु की मुहिम
कानपुर में मोटे अनाज से बनी डिश को मालिको को करना होगा प्रमोट।
कानपुर में मोटे अनाज से बनी डिश को मालिको को प्रमोट करना होगा। 700 होटल्स और रेस्टोरेंट ने रजामंदी दी। डीएम के साथ बैठक भी हुई। प्रदेश सरकार के निर्देश पर शहर में भाजपा नेतृत्व ने मुहिम शुरु की।
कानपुर, [अभिषेक वर्मा]। शहर के होटल्स और रेस्टोरेंट में अब फॉस्ट फूड की तरह ही ‘सुपर फूड’ यानि मोटे अनाज से बने पकवान सर्व करना जरूरी होगा। शासन की पहल पर शहर में अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने इस ओर कदम बढ़ाए हैं। शहर के 700 से ज्यादा होटल्स और रेस्टोरेंट मालिकों ने अपनी मौखिक रजामंदी दे दी है।
इस संबंध में कानपुर होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, भाजपा संगठन के साथ डीएम स्तर की बैठक भी हो चुकी है। जल्द ही इस योजना के लिए कागजों पर भी मुहर लग जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 के तहत केंद्र व उत्तर प्रदेश राज्य सरकार मोटे अनाज ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य है कि लोगों की भोजन की थाली में बाजरा, ज्वार, रागी (फिंगर मिलेट्स), छोटा बाजरा, कंगनी, कुटकी और कुट्टू से बने पकवान भी पहुंचे ताकि उनको स्वाद के साथ ही पोषण भी मिले। इसी के तहत अब शहर के होटल्स और रेस्टोरेंट में मोटे अनाज का भोजन उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू हो गई है।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि सरकार की मंशा अनुरूप शहर के होटल्स और रेस्टोरेंट में मोटे अनाज को प्रोमोट करने पर बातचीत शुरू हो गई है। सभी व्यवसाइयों ने इसपर अपनी रजामंदी दी है।
प्रमोट करने के लिए होगा सेमिनार
श्री अन्न को लोग जानें और मौजूदा चाईनीज फूड के मुकाबले इस अन्न से क्या बन सकता है, इसको लेकर सेमिनार का भी प्लान किया जा रहा है। इस सेमिनार में होटल्स और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को शामिल किया जाएगा। लोगों को बताया जा सकेगा कि मोटे अनाज से भी हम ‘सुपर फूड’ बना सकते हैं। जो फास्ट फूड को टक्कर देने के साथ ही पौष्टिक विकल्प बनेगा।
मिलेट्स रेसिपी भी तैयार
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) की ओर से मिलेट्स रेसिपी बनाई गई है। इसमें इंडियन इंस्टीट्यूज ऑफ मिलेट्स रिसर्च के अधिकारियों ने ज्वार रोटी, बाजरा रोटी, ज्वार डोसा, ज्वार का समोसा, ज्वार का उपमा, ज्वार का इडली, ज्वार का स्वीट पोंगल, ज्वार का पेड़ा, ज्वार बिस्कुट, ज्वार खीर, ज्वार से बना केक, ज्वार बूंदी लड्डू, फिंगर मिलेट आदि के बनाने की रेसिपी बताई है।
शहर के 700 होटल्स और रेस्टोरेंट के साथ इस संबंध में बातचीत हुई है ताकि यहां मोटे अनाज से बने पकवान मिल सकें। इस संबंध में डीएम स्तर से एक बैठक भी हो चुकी है। जल्द ही इसे कागजों पर लागू कराया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि मोटा अनाज प्रमोट हो, ताकि लोग स्वस्थ भोजन कर सकें।- प्रकाश पाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र
