Operation Ajay: 212 भारतीयों को लेकर इजरायल से पहला जत्था दिल्ली पहुंचा, एयरपोर्ट पर राजीव चंद्रशेखर ने किया स्वागत
नई दिल्ली। फिलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास और इजराइल के बीच युद्ध जारी है। इजरायल छोड़ने के इच्छुक 212 भारतीयों को लेकर एक पहली चार्टर उड़ान गुरुवार को इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे से रवाना हुआ और शुक्रवार सुबह दिल्ली के हवाई अड्डे पर उतरा।
केन्द्र सरकार द्वारा ऑपरेशन अजय के तहत विशेष विमान से आज सुबह 5.50 बजे इजरायल से 212 भारतीय नागरिकों को दिल्ली लाया गया। इस समय करीब 20,000 भारतीयों के इजराइल में फंसे होने की संभावना है और भारत सरकार ने ऑपरेशन अजय के तहत उन्हें स्वदेश सुरक्षित वापस लाने की शुरुआत कर दी हैै।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में गुरुवार को प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि भारत सरकार का पूरा ध्यान इजरायल फंसे भारतीयों को वापस लाने पर है। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद भारतीय जो वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराने को कहा गया है। इजरायल में करीब बीस हजार भारतीय फंसे हैं।
बागची ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ऑपरेशन अजय आने के इच्छुक भारतीयों की मांग पर आधारित होगा। फिलहाल चार्टर उड़ानें संचालित की जा रही हैं। लेकिन भविष्य में यदि जरूरत महसूस हुई तो हमारे पास सभी विकल्प हैं। ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऑपरेशन अजय के तहत इज़रायल से भारत लाए गए एक भारतीय नागरिक ने कहा, "इज़रायल में युद्ध शुरू होने के बाद हमें भारत से हमारे परिवार और दोस्तों के फोन आने लगे थे, सभी हमारे लिए फिक्रमंद थे। मैं हमारे लिए इस ऑपरेशन के इज़रायल से भारत सुरक्षित लाए जाने पर भारत सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा करता हूं।"
इजरायल में रह रहे हैं 18 हजार भारतीय
भारत सरकार ने अपने उन नागिरकों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए ‘ऑपरेशन अजय’ शुरू किया है जो स्वदेश लौटना चाहते हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि हम हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 18,000 भारतीय में इजरायल में रह रहे हैं, जबकि लगभग 12 लोग वेस्ट बैंक में और तीन-चार लोग गाजा में हैं।
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