कानपुरवासियों के लिए अच्छी खबर, सौ करोड़ से चमकेगा झकरकटी बस अड्डा, यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं, पढ़ें…
कानपुर का झकरकटी बस अड्डा सौ करोड़ रुपये से चमकेगा।
कानपुर का झकरकटी बस अड्डा सौ करोड़ रुपये से चमकेगा। पीपीपी मॉडल से विकास में यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। अगले माह टेंडर आमंत्रित करने की तेजी से तैयारी चल रही है।
कानपुर, अमृत विचार। झकरकटी बस अड्डे को अत्याधुनिक बनाने के लिए अगले माह टेंडर होंगे। बस अड्डे में सौ करोड़ रुपये से यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें एसी विश्राम कक्ष, जरूरी सामानों के लिए दुकानें और अत्याधुनिक हेल्प डेस्क शामिल है।
पीपीपी मॉडल के तहत झकरकटी को मॉडल बस अड्डा बनाने के लिए पहले भी टेंडर हो चुके थे। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में शर्तें पूरी न होने के चलते उन्हें निरस्त कर दिया गया था। टेंडर की शर्तों के तहत तीन कंपनियों का प्रक्रिया में शामिल होना जरूरी था। लेकिन प्रक्रिया में केवल एक कंपनी शामिल हो सकी थी। इसी कारण टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
अब यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है। माना जा रहा है कि नवंबर महीने के अंतिम सप्ताह या दिसबंर शुरुआत में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। रोडवेज के रीजनल मैनेजर लव कुमार ने बताया कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जल्द ही टेंडर पूरा कर लिया जाएगा। योजना के तहत बस अड्डे को अत्याधुनिक बनाया जाना है।
इसमें यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही बस अड्डे को और भव्य बनाया जाएगा। योजना के तहत लगभग सौ करोड़ रुपये अनुमानित बजट से विकास कार्य किया जाना है।
इनमें बस अड्डे में यात्रियों के लिए एसी विश्राम रूम, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले, बेहतर बस सुविधा, बेहतर खान-पान की सुविधा सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। यात्रियों के साथ आने वाले परिवार या फिर खुद का वाहन कई दिनों तक बस अड्डे में खड़ा करने वाले यात्रियों को पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी।
व्यसायिक गतिविधियां भी होंगी
अधिकारियों के अनुसार पीपीपी मॉडल के तहत बस अड्डे के एक हिस्से में मॉल और व्यसायिक गतिविधियां भी होंगी। बस यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मॉल बनने के अलावा यहां पर कई तरह के ऑफिस भी स्थापित हो सकेंगे। जिनमें शहरवासी भी सुविधाएं ले सकेंगे।
खत्म हो जाएगा बसों का सड़क पर खड़ा होना
बस अड्डा मॉडर्न बन जाने से बसों का संचालित भी नियमित हो सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़क पर बसों का खड़ा होना भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा। वे बसें ही बस अड्डे तक आ सकेंगी जिन्हें यात्रियों को लेना होगा। इसके अलावा नंबर से चलने वाली बसों का डिस्पले होने के बाद ही निकास द्वार पर इंट्री होगी।
