तेलंगाना में नौकरी की तैयारी कर रही युवती ने की आत्महत्या, विपक्ष ने बीआरएस सरकार पर साधा निशाना
हैदराबाद। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही 23 वर्ष की एक युवती ने यहां अशोक नगर स्थित अपने छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने इलाके में प्रदर्शन किया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार रात युवती की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र इलाके में एकत्रित हो गए और विरोध-प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को युवती का शव अस्पताल ले जाने से भी रोकने की कोशिश की। टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में पुलिस भीड़ को तितर-बितर करते नजर आई। हालांकि, पुलिस ने लाठीचार्ज करने से इनकार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है, उसमें महिला प्रवल्लिका ने अपने माता-पिता से उनके लिए कुछ भी करने में असमर्थ होने के लिए माफी मांगी है। पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) एम वेंकटेश्वरलु ने एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि प्रवल्लिका के मोबाइल फोन के चैट इतिहास की जांच करने के बाद, उन्हें पता चला कि वह एक व्यक्ति से प्यार करती थी और वह किसी अन्य महिला से शादी करने वाला है।
अधिकारी ने दावा किया, “चैट रिकॉर्ड के अनुसार और सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद, (हमने पाया कि) उसने आत्महत्या की है क्योंकि लड़के ने उसे धोखा दिया और दूसरी महिला से शादी कर रहा है। इसका (आत्महत्या) किसी अन्य मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि मोबाइल फोन के फोरेंसिक विश्लेषण के नतीजे के आधार पर, पुलिस उस व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित दंडात्मक धाराएं लगा सकती है। वेंकटेश्वरलू ने कहा कि प्रवल्लिका नौकरी पाने के लिए सरकारी परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी लेकिन उसकी आत्महत्या का परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल में पीड़िता के दोस्तों ने कहा कि उसने निजी कारणों से यह कदम उठाया। तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन ने प्रवल्लिका के कथित तौर पर आत्महत्या करने पर शनिवार को गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटना को लेकर राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव से 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी। पुलिस के अनुसार, वारंगल की रहने वाली युवती ने व्यक्तिगत कारणों से शुक्रवार रात को छात्रावास के अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
प्रदर्शनकारियों ने हालांकि दावा किया कि युवती कोई भी नौकरी नहीं मिल पाने और हाल ही में तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा समूह-2 सेवा परीक्षा स्थगित किए जाने की वजह से निराश थी। विपक्षी दलों ने युवती की मौत के लिए मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद के लक्ष्मण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया कि उन्होंने युवती के सुसाइड नोट को सार्वजनिक करने की मांग की, लेकिन उन्हें ‘गिरफ्तार’ कर लिया गया।
लक्ष्मण ने कहा, ‘‘युवती कई महीनों से बड़ी लगन से सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। लेकिन बीआरएस सरकार द्वारा परीक्षाएं बार-बार रद्द और स्थगित किए जाने के कारण उसने यह कदम उठाया।’’ भाजपा सांसद ने युवती के साथ ही राज्य सरकार की ‘लापरवाही’ से प्रभावित अन्य लोगों के लिए भी न्याय की मांग की। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता एम अनिल कुमार यादव भी शामिल हुए। उन्होंने दावा किया कि युवती ने टीएसपीएससी परीक्षा दो बार रद्द होने से परेशान होकर अपनी जान दे दी। यादव ने घटना की न्यायिक जांच और युवती के परिवार को वित्तीय सहायता मुहैया कराने की मांग की।
वहीं, कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने आत्महत्या पर दुख व्यक्त किया और आरोप लगाया कि बीआरएस सरकार भर्ती परीक्षा ठीक से आयोजित करने में विफल रही है। रेड्डी ने लोगों से मौजूदा लोक सेवा आयोग में नये सिरे से सदस्यों की नियुक्ति की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा प्रस्तावित 'रास्ता रोको' को सफल बनाने का आग्रह किया। राज्य सरकार इससे पहले तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा के निशाने पर आ चुकी है।
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