शाहजहांपुर: एसडीएम ने पकड़ा बिना लिखा-पढ़ी धान बेचने का खेल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

शाहजहांपुर, अमृत विचार। एसडीएम सदर शैलेंद्र गौतम ने रविवार रात बिना लिखा पढ़ी रोजा मंडी में धान बेचने का खेल पकड़ा। बिना तौल पर्ची मिलीं दो ट्राली को सीज कर दिया। जबकि दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

रविवार देर रात लगभग साढ़े दस बजे एसडीएम सदर शैलेंद्र गौतम को मामले की जानकारी मिली। एसडीएम सदर और नायब तहसीलदार सदर अनुराग दुबे ने तुरंत ही मंडी पर छापा मारा। यहां पर उन्होंने पाया कि मंडी में दो ट्राली बिना तौल कराए, बिना पर्ची लिए मंडी में खड़ी हैं। एसडीएम ने चालक कुलदीप व संतोष से पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बता पाए। जिस पर एसडीएम ने दोनों ट्राली सीज करते हुए मंडी सचिव के सुपुर्द कर दीं और चालकों को रोजा पुलिस की हिरासत में दे दिया‌। 

रात साढ़े दस बजे से लगभग एक बजे तक मंडी में छापामारी चलती रही। कार्रवाई से रोजा के साथ-साथ अन्य मंडियों में भी हड़कंप मचा रहा। जिले में यह छापामारी सोमवार को चर्चा का विषय बनी रही। एसडीएम सदर ने रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी है। आगे की कार्रवाई डीएम स्तर से की जा रही है। साथ ही मामले में रोजा मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी से जवाब मांगा गया है। एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार अनुराग दुबे को जांच के लिए नामित कर दिया है। रोजा पुलिस को निर्देशित किया कि वह रात में मंडी में निरीक्षण कर ऐसी गड़बड़ी पर नजर बनाए रखे। जिससे आगे ऐसी कोई घटना न हो।

इसलिए होती है बिना लिखा-पढ़ी खरीद
मंडी से जुड़े लोगों का कहना है कि बिना लिखा पढ़ी (ऑफ द रिकार्ड) खरीद सरकारी टैक्स बचाने के लिए होती है। धान एक बार रिकार्ड पर आ गया तो उसमें बहुत ज्यादा खेल करने की संभावना नहीं रहती है, लेकिन जब धान की खरीद ऑफ द रिकार्ड होगी तो उसमें कोई भी खेल किया जा सकता है। निजी खरीद का धान सरकारी खरीद तक दिखाया जा सकता है। धान खरीद माफिया इसी तरह खेल करते हैं।

सस्ते दामों पर किसानों का धान खरीद कर बाद में उसे महंगे दामों पर सरकारी खरीद दर्शा देते हैं। प्रशासन के सामने आज भी धान खरीद माफिया पर लगाम लगाना चुनौती है। इसी तरह ऑफ द रिकार्ड खरीदा गया धान  सरकारी टैक्स बचाने में भी कारगर बताया जाता है। बिना लिखा पढ़ी खरीदा गया धान अंत तक बिना लिखा ही बिकता रहता है। ऐसे में सरकारी टैक्स बच जाता है और बिचौलिए मजा मारते हैं। इस समय भारी मात्रा में धान रोजा मंडी पहुंच रहा है। ऐसे में रिकार्ड के साथ-साथ ऑफ द रिकार्ड भी धान की खरीद हो रही है।

प्राइवेट में पांच लाख और सरकारी खरीद पांच हजार क्विंटल
रोजा मंडी में सरकारी खरीद की दुर्दशा है। प्राइवेट आढ़तों पर जहां अब तक पांच लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है तो वहीं सरकारी खरीद सिर्फ पांच हजार क्विंटल हुई है। इतना बड़ा अंतर सिर्फ धान में नमी होने के चलते हो यह बात मानने योग्य नहीं है। इतनी कम खरीद होने के चलते सवाल उठ रहे हैं। आखिर सरकारी खरीद का इस साल क्या हाल होने वाला है। सरकारी खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा होगा यह भी एक बड़ा सवाल है।

रोजा मंडी में बिना लिखा पढ़ी धान खरीदे जाने की शिकायत जिलाधिकारी को मिली थी। इसके बाद प्रशासन की टीम ने दो ट्राली को बिना तौल पर्ची के मंडी में पकड़ा। दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। मामले की जांच कराई जा रही है। मंडी सचिव से जवाब मांगा गया है। -शैलेंद्र कुमार गौतम, एसडीएम सदर

इस समस 24 घंटे मंडी में धान की खरीद की जा रही है। रविवार रात को भीड़ ज्यादा थी। संभव है कि ऐसे में पकड़े गए ट्रैक्टर-ट्राली बिना तौल कराए ही मंडी में आ गए हों। अगर कोई ट्रैक्टर-ट्राली बिना तौल कराए मंडी में आ जाता है तो मंडी अधिनियम के तहत उस पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। -प्रवीण कुमार अवस्थी, मंडी सचिव रोजा।

ये भी पढे़ं- शाहजहांपुर: बेमौसम आंधी-बारिश का कहर, पेड़ गिरने से प्रधान की मौत, फसलों को क्षति

 

संबंधित समाचार