Kanpur News: ऐस बुखार जो नहीं छोड़ रहा पीछा... ठीक होने के बाद फिर जकड़ रहा, हैलट अस्पताल में मरीजों की भीड़
कानपुर में ठीक होने के बाद बुखार फिर से जकड़ रहा है।
कानपुर में ठीक होने के बाद बुखार फिर से जकड़ रहा है। हैलट अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 15 ऐसे मरीज पहुंच रहे है।
कानपुर, अमृत विचार। वायरल बुखार से ग्रस्त लोगों की चलने-फिरने व उठने-बैठने की परेशानी दूर नहीं हो पाई थी कि अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें स्वस्थ होने के बाद फिर से बुखार गिरफ्त में ले रहा है। ऐसा बुखार के कारण मरीजों की रोग प्रतिरोधक कम होने से हो रहा है।
हैलट के मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन 50 बुखार के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, इनमें कानपुर के साथ अन्य जिलों के लोग भी शामिल है। जबकि उर्सला में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज, केपीएम में आठ से 10 और कांशीराम संयुक्त अस्पताल में 12 से 15 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। अब अस्पतालों में कई मरीज दोबारा बीमार होकर पहुंच रहे हैं, जो एक या दो माह पहले बुखार से पीड़ित थे।
इसके अलावा कई लोगों में जोड़ों का दर्द की समस्या बनी हुई है, सबसे अधिक बुजुर्ग लोगों को चलने-फिरने व उठने-बैठने में तकलीफ हो रही है। गठिया से पीड़ित लोगों को हाल और बुरा है।
हैलट में प्रतिदिन 10 से 15 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जो बुखार से ठीक हो गए थे, लेकिन फिर से बुखार ने जकड़ लिया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रो. एसके गौतम ने बताया कि बुखार के बाद लोगों के अंदर कमजोरी हो जाती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इस कारण लोग दोबारा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
47 मिले डेंगू संक्रमित, 99 में पाए गए लक्षण
जिले में डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम करने में स्वास्थ्य विभाग विफल साबित हो रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 47 लोगों की रिपोर्ट डेंगू संक्रमित आई। इसमें सर्वाधिक कल्यानपुर में चार, काजीखेड़ा में चार, मंधना में दो, अहिरवां में दो, केपीएम में दो व सनिगवां में दो व्यक्ति डेंगू संक्रमित पाए गए।
99 लोगों में डेंगू और 87 लोगों में मलेरिया के लक्षण पाए गए। सात लोग चिकनगुनिया से ग्रस्त मिले। नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ.आरपी मिश्रा के मुताबिक मंगलवार को टीम ने करीब 20 मोहल्ले के 3048 घरों का सर्वे किया, जिनमें से 83 घरों में डेंगू के लार्वा पाए गए।
