Kanpur में चरस का कारोबारी जोरों पर, जानकर भी खाकी नहीं करती कार्रवाई, पाकिस्तान, नेपाल के साथ इन जगहों से हो रही सप्लाई
कानपुर में चरस का कारोबार जोरों पर है।
कानपुर में चरस का कारोबार जोरों पर है। चरस के इस काले कारोबार को पूरी तरह से नष्ट करने में पुलिस की सारी कोशिशें बौनी साबित हो रही हैं। पाकिस्तान, नेपाल व बाराबंकी से चरस की सप्लाई हो रही है।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में चरस का काला कारोबार भी चरम पर है। आए दिन शातिर पकड़े जाते हैं और बरामदगी होती है। चरस के इस काले कारोबार को पूरी तरह से नष्ट करने में पुलिस की सारी कोशिशें बौनी साबित हो रही हैं। हर महीने कानपुर कमिश्नरेट के 52 थानों में मादक पदार्थ के साथ अपराधियों की गिरफ्तारी होती है। शहर में पिछले कई वर्षों में भारी मात्रा में चरस समेत अन्य नशीले पदार्थ पकड़े जा चुके हैं।
शहर में हेरोइन, स्मैक, कोकीन का काला धंधा दशकों पुराना है लेकिन इस समय सबसे ज्यादा मांग गांजा और चरस की है। ऐसा नहीं है कि इस कारोबार में केवल माफिया व अपराधी ही शामिल हैं। शहर के कई हाईप्रोफाइल लोग भी इससे अछूते नहीं हैं। भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि युवा पीढ़ी इस ओर ज्यादा आकर्षित हुई है।
पाकिस्तान, नेपाल व बाराबंकी से सप्लाई
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कर्नलगंज थानाक्षेत्र अंतर्गत गम्मू खां हाता के एक माफिया ने 1984 में नशे के काले कारोबारी की शुरुआत की थी। इसके बाद लाटूश रोड के दो माफिया ने इस काले कारोबार को पूरी तरह से बाजार में फैलाया था। उन लोगों ने बाराबंकी से अफीम लाकर उसकी सप्लाई करना शुरू किया, इसके बाद पाकिस्तान व नेपाल से चरस, स्मैक, हेरोइन और फिर कोकीन मंगवाकर उसकी सप्लाई करने लगे। नेपाल से बहराइच और गोरखपुर बार्डर से नशीला पदार्थ लाया जाता है।
करोड़ों की होती खरीद-फरोख्त
सूत्रों ने बताया कि यूपी में एक हजार करोड़ का नशे का काला कारोबार होता है। जिसमें कानपुर में अकेले सौ करोड़ की खपत होती है। सूत्रों ने बताया कि शहर में चरस और स्मैक की 60 करोड़ की खपत है, जबकि 40 करोड़ में अन्य नशीले पदार्थ का कारोबार किया जाता है।
नकली चरस का भी होता खेल
नशे के लिए भांग के पत्तों को उबाल कर उनका पानी निचोड़कर उसमें धतूरे के बीज पीस कर मिलाए जाते हैं। धतूरे के बीज स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक होते हैं। इसके अलावा धूप व तारकोल का चूरा उबले हुए पत्तों में मिला दिया जाता है। इससे असली चरस से कहीं ज्यादा चमकदार नकली चरस तैयार हो जाती है। यही चरस बेचकर भी मोटा मुनाफा कमाया जाता है।
शहर में पकड़ी जा चुकी चरस
- ग्वालटोली पुलिस ने अब्दुल कलाम व विक्रांत पटेल के पास से 60 लाख की चरस पकड़ी।
- कोतवाली पुलिस ने अमित कुमार, शिवम कश्यप, अरविंद के पास से एक करोड़ की चरस पकड़ी।
- काकादेव में नीरजपाल 11 किलो चरस के साथ पकड़ा गया।
- सचेंडी पुलिस ने इरशाद व फैजान को 9 किलो चरस के साथ पकड़ा था।
- कोहना में सुशील मिश्रा उर्फ दयालु 4.44 किलो चरस के साथ पकड़ा गया।
- बर्रा में शातिर धर्मेन्द्र 1.10 किलो चरस के साथ पकड़ा गया।
- बेकनगंज पुलिस ने राजू उर्फ सिराज को 1.50 किलो चरस के साथ पकड़ा।
- चकेरी में अभियुक्त हरीश के पास से 1 किलो चरस बरामद हुई।
