महुआ मोइत्रा के साथ विपक्षी सदस्य लोकसभा की आचार समिति की बैठक से निकले बाहर

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। लोकसभा की आचार समिति में शामिल विपक्षी सदस्य बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के साथ, इसकी बैठक से बाहर निकल गए और समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर पर मोइत्रा से व्यक्तिगत तथा अनैतिक सवाल पूछने का आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद और समिति के सदस्य एन उत्तम कुमार रेड्डी ने बैठक से बहिर्गमन करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "हमें आचार समिति के अध्यक्ष द्वारा मोइत्रा से पूछे गए सवाल अशोभनीय और अनैतिक लगे।" समिति के विपक्षी सदस्यों ने मोइत्रा के खिलाफ लगे ‘रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने’ के आरोप के मामले पर बैठक बुलाने के तरीके पर भी सवाल उठाया।

सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोइत्रा ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर बृहस्पतिवार को खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि यह आरोप वकील जय अनंत देहाद्रई की दुश्मनी से प्रेरित है, क्योंकि उन्होंने उनके साथ अपने व्यक्तिगत संबंध तोड़ दिए थे। बैठक में उन्हें रेड्डी और बसपा के दानिश अली सहित कुछ विपक्षी सांसदों का समर्थन मिला, जबकि वीडी शर्मा सहित कुछ भाजपा सदस्य चाहते थे कि वह आरोपों के मूल भाग का जवाब दें और व्यक्तिगत संबंधों के बारे में न बताएं।

सूत्रों ने कहा कि आचार समिति के समक्ष मोइत्रा के बयान का एक बड़ा हिस्सा देहाद्रई के साथ उनके संबंधों के बारे में था क्योंकि वह कुछ बातों के लीक होने और आरोपों के लिए उन्हें दोषी ठहराती दिखाई दीं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को 15 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि मोइत्रा द्वारा लोकसभा में हाल के दिनों तक पूछे गये 61 प्रश्नों में से 50 प्रश्न अडाणी समूह पर केंद्रित थे।

उन्होंने शिकायत में कहा है कि किसी समय मोइत्रा के करीबी रहे देहाद्रई ने मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के बीच अडाणी समूह तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधने के लिए रिश्वत के लेनदेन के ऐसे साक्ष्य साझा किये हैं जिन्हें खारिज नहीं किया जा सकता। दुबे की शिकायत को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आचार समिति के पास भेज दिया था।

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