प्रयागराज: महाकुंभ को लेकर मकानों को तोड़े जाने का किसानों ने किया विरोध, बुलाई महापंचायत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के किसानों ने अपनी तमाम समस्याओं को लेकर एक बार फिर से सरकारी अमले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़े जा रहे मकान के विरोध में गुरूवार को भारतीय किसान यूनियन (भारत) के तत्वावधान में बड़ी संख्या में किसानों का हुजूम प्रयागराज पहुंचा। किसान यूनियन के साथ सैकड़ों ट्रैक्टर और अन्य वाहनों पर सवार होकर किसान पत्थर गिरजाघर पर पहुंचे।

यहां से हाथ में संगठन का झंडा लेकर पीडीए कार्यालय इंदिरा भवन पहुंचे। किसानों ने घेरा डालो डेरा डालो अभियान की शुरुआत कर दी है। जमकर नारेबाजी करते हुए किसानों ने हजारों की संख्या में पीडीए का घेराव किया। किसानों की मांग है कि महाकुंभ के देखते हुए नैनी इलाके के अरैल में बड़ी संख्या में मकानों को तोड़ा जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किसानों व समाज के अन्य गरीब लोगो का उत्पीड़न किया जा रहा है।

प्रशासन कि यह तानाशाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगा। पहले न इस बारे में वार्ता की गयी थी और न ही नोटिस दिया गया था। अचानक सरकार तानाशाहीपूर्ण तरीके से मकानों को गिरा कर रही है। हजारों परिवार बेघर हो रहे हैं। संगठन के यमुनापार प्रभारी सूरजपाल सिंह मौर्य ने कहा कि पीडीए मनमानी तरीके से मकानों को तोड़कर गरीबों, असहायों और किसानों को बेघर करने का कार्य कर रहा है।

सूरजपाल सिंह ने कहा कि अगर मांगे नही मानी जाएगी तो इसी तरह से आंदोलन चलता रहेगा और उग्र होने पर और बड़ा रूप धारण करेगा। नाराज किसानों का कहना है कि विकास प्राधिकरण उन्हें कोई सुविधा नहीं देता है और मनमाने तरीके से बुलडोजर चलाता है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे।

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