मुरादाबाद: भाजपा नेता की हत्या के 84 दिन बाद मास्टरमाइंड प्रभाकर चौधरी गिरफ्तार
भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या में फरार चल रहा प्रभाकर 20 हजार का था इनामी
मुरादाबाद, अमृत विचार। भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड के मास्टरमाइंड संभल के असमौली ब्लॉक प्रमुख के पति प्रभाकर चौधरी पुत्र कमल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के 84 दिन बाद शुक्रवार को इसे पुलिस गिरफ्तार कर पाई है। पुलिस ने इसे दोपहर दो बजे के दौरान मुखिबर के सहयोग से मझोला थाना क्षेत्र में जीरो प्वाइंट से हर्बल पार्क की तरफ जाने वाली सड़क पर दबोचा है। ये संभल जिले के ऐचौडा कम्बोह थाना क्षेत्र के हाजीबेड़ा गांव का रहने वाला है। इसकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी हेमराज मीना ने 20 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर रखा था।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया और सीओ सिविल लाइन अर्पित कपूर ने बताया कि प्रभाकर चौधरी ने पूछताछ में बताया है कि उसकी पत्नी संतोष वर्ष 2021 में असमौली से निर्दलीय ब्लाॅक प्रमुख का चुनाव लड़ी थी और जीत गई थी। वह वर्तमान में ब्लाॅक प्रमुख भी है।
संतोष के विपक्ष में भाजपा के टिकट से अनुज चौधरी चुनाव लड़ा था। अनुज को लगा कि उसे भाजपा से टिकट मिला है, इसलिए वह अपनी जीत पक्की मान रहा था। लेकिन, वह केवल 14 वोटों से चुनाव हार गया था। प्रभाकर चाैधरी की पत्नी संतोष चुनाव जीती थी। गिरफ्तार अभियुक्त प्रभाकर ने पुलिस को बताया कि अनुज चुनाव के समय से उसके परिवार से रंजिश रखने लगा था।
वर्ष 2022 में मेरी पत्नी के खिलाफ अनुज चौधरी अविश्वास प्रस्ताव लाने की आवाज उठाने लगा। उसी वर्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तिथि तय हो गई थी। लेकिन, एसडीएम के अवकाश पर जाने से चुनाव नहीं हुआ, अगली तारीख तय हो गई थी। फिर उसी बीच एक शासनादेश के कारण अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा बंद हो गई थी। शासनादेश में निर्धारित अवधि पूरी होने पर अनुज चौधरी फिर 20 अगस्त 2023 तक अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश में था। तभी मुझे लगा कि अनुज हम लोगो को बार-बार परेशान कर रहा है। 20 अगस्त के आने तक वह कोई न कोई शरारत करेगा। इस बात को लेकर प्रभाकर और उसका बेटा अनिकेत परेशान रहते थे।
छोटे भाई को आंख खराब होने का बदला लेने को उकसाता था मोहित
प्रभाकर चौधरी ने पुलिस को बताया है कि भाजपा नेता अनुज चौधरी ने 2020 मे जिला पंचायत चुनाव को लेकर थाना रजबपुर क्षेत्र अमरोहा में मोहित चौधरी पर जान से मारने की नियत से फायर कराए थे। इसमें मोहित चौधरी बच गए लेकिन, उनकी एक आंख खराब हो गई थी। इस घटना से मोहित चौधरी और उसका भाई अमित भी अनुज चौधरी से दुश्मनी रखने लगा था। जब भी अमित अपने भाई मोहित से मिलाई करने बरेली सेंट्रल जेल या कचहरी जाता था तो मोहित अपनी खराब आंख का बदला लेने के लिए अमित को उकसाता था। प्रभाकर ने पुलिस से कहा है कि यही कारण था कि हम लोगों का दुश्मन एक ही होने से अमित से नजदीकी बढ़ गई थी।
मास्टरमाइंड बोला, योजना अच्छी थी पर कैमरे के फुटेज से खुल गया राज
प्रभाकर ने बताया है कि जब ब्लाॅक प्रमुख का चुनाव हुआ था तो उसमें अमित चौधरी, पुष्पेंद्र उर्फ भूरा, नीरज पाल, ललित कौशिक और कमलवीर ने हमारी काफी मदद की थी। उसने बताया कि अनुज के 70 लाख रुपए ललित कौशिक व कमलवीर पर उधार थे। इन पैसों को लेकर अनुज से कहासुनी भी हुई थी।
इस तरह सभी लोग मिलकर भाजपा नेता अनुज को रास्ते से हटाना चाहते थे। फिर प्रभाकर और उसके बेटे अनिकेत एवं अनुज चौधरी का विरोधी अमित और इसके दोस्त नीरज पाल व पुष्पेंद्र उर्फ भूरा, कमलवीर व ललित कौशिक ने मिलकर भाजपा नेता की हत्या की योजना बनाई। कई बार मुरादाबाद में मीटिंग की। वह (प्रभाकर) भी कभी-कभी बेटे अनिकेत के साथ में तीनों शूटरों की मीटिंग में जाता था।
तीनों शूटरों में सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू, सुशील शर्मा उर्फ गोलू व आकाश उर्फ गटवा हैं। अनुज चौधरी की हत्या करने का ठेका 30 लाख रुपये में तय हुआ था। छह लाख रुपये अनिकेत ने शूटरों को एडवांस में दिए थे। प्रभाकर ने ये भी बताया कि उसने अनुज की हत्या की योजना अच्छी बनाई थी लेकिन, घटना का सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, फुटेज वायरल होने से लोग पहचान में आ गए।
पार्श्वनाथ प्रतिभा सोयायटी में हुई थी हत्या
मृतक भाजपा नेता अनुज चौधरी भी संभल जिले में ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के गांव अलिया नेकपुर के निवासी थे। वह नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोयायटी में रहते थे। इसी सोसाइटी में शाम के वक्त टहलने के दौरान 10 अगस्त 2023 को बाइक सवार तीनों शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उनकी हत्या कर दी थी।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
प्रभाकर की गिरफ्तारी में शामिल टीम मझोला थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांचाल, दरोगा अनंगपाल सिंह, कांस्टेबल रामबहादुर व कपिल तोमर और एसओजी टीम के प्रभारी सतेंद्र सिंह, दरोगा जितेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, आसिफ अली, राहुल कुमार व कांस्टेबल संगम कसाना, सचिन कुमार।
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