आधी रात को आए भूकंप से सहमे लोग, नेपाल में 250 से ज्यादा लोग हताहत

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Published By Vishal Singh
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काठमांडू। पश्चिमी नेपाल में शुक्रवार देर रात आए 6.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद 250 से ज्यादा लोगों के हताहत होने की पुष्टि हुई है। काठमांडू पोस्ट ने जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार नेपाल में भूकंप के तेज झटके कल रात 11 बजकर 47 मिनट पर महसूस किए गए। जिसका केंद्र जजरकोट जिला था। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गयी। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने सुरक्षा निकायों को तत्काल बचाव और राहत के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ने तीनों सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत बचाव और राहत कार्यों में शामिल होने का निर्देश दिया है और आपदा पर दुख व्यक्त किया है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा,, “प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने शुक्रवार रात आए विनाशकारी भूकंप में जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है और तत्काल बचाव और राहत के लिए सभी तीन सुरक्षा निकायों को तैनात किया है।” जाजरकोट जिला पुलिस उपाधीक्षक संतोष रोका ने कहा शनिवार तड़के तीन बजे तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जाजरकोट और पश्चिमी रुकुम में भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, अकेले जाजरकोट में 92 लोगों की मौत हुई है और 55 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। उनमें से पांच को सुरखेत के कर्णाली प्रांत अस्पताल ले जाया गया है, जबकि अन्य का जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में इलाज चल रहा है। 

रोका ने बताया कि मृतकों में नलगढ़ नगर पालिका की उपमहापौर सरिता सिंह भी शामिल हैं। इसके अलावा बरेकोट ग्रामीण नगर पालिका के जिले के रमीडांडा में 44 लोगों की मौत हो गयी और अन्य 70 घायल हुए हैं। इसी तरह प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक पश्चिमी रुकुम में मरने वालों की संख्या 36 तक पहुंच गई है। पश्चिमी रुकुम जिले के पुलिस उपाधीक्षक नमराज भट्टराई ने मृतकों की संख्या में जानकारी दी है। आथबिस्कोट नगर पालिका में 36 लोगों के मरने की सूचना है और सानीभेरी ग्रामीण नगर पालिका में आठ और लोगों की मौत हुई है। 

मुख्य जिला अधिकारी सुरेश सुनार ने कहा कि भूकंप से जाजरकोट जिले के भेरी, नलगढ़, कुशे, बरेकोट और चेदागाड बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जिले के सभी सुरक्षा बलों को खोज और बचाव कार्य में लगाया गया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को सुबह सात बजकर 39 मिनट पर काठमांडू घाटी और आसपास के जिलों में भूकंप के तेज झटके लगे थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.1 तीव्रता मापी गयी थी, लेकिन क्षति या हताहत की कोई रिपोर्ट नहीं थी। आपदा के बाद के आकलन (पीडीएनए) रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल दुनिया का 11वां सबसे अधिक भूकंप-प्रवण देश है। 

दिल्ली-एनसीआर, यूपी-बिहार में भी महसूस किए गए झटके 
नेपाल में शुक्रवार रात 6.4 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया, जिसके झटके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। रात करीब 11 बजकर 32 मिनट पर आए भूकंप के कारण लोगों को अपने घरों से बाहर निकलना पड़ा। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र नेपाल में अयोध्या से लगभग 227 किलोमीटर उत्तर और काठमांडू से 331 किलोमीटर पश्चिम उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई में था। नेपाल में तबाही मचाने वाले भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसका असर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में देखा गया. बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के भोपाल तक भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।

गुरुग्राम के निवासी इंद्रजीत सिंह ने कहा, “जब हम टेलीविजन देख रहे थे, तभी काफी देर तक झटके महसूस हुए।” गाजियाबाद के रहने वाले गोपाल ने कहा कि झटके 15 सेकंड से ज्यादा देर तक महसूस हुए। उन्होंने कहा, “मुझे खिड़की के शीशे की खड़खड़ाहट भी सुनाई दी।” नेपाल में एक महीने में तीसरी बार तेज भूकंप आया है। भूकंप के झटके दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए, जिसके चलते ऊंची इमारतों में रहने वाले कई लोग बाहर निकल आए। 

नोएडा सेक्टर-76 में एक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के निवासी प्रत्यूष सिंह ने कहा, “वास्तव में बहुत तेज झटके महसूस हुए। यह एक बेहद डरावना एहसास था।” भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बस्ती, बाराबंकी, फिरोजाबाद, अमेठी, गोंडा, प्रतापगढ़, भदोही, बहराइच, गोरखपुर और देवरिया जिलों के अलावा बिहार के कटिहार, मोतीहारी तथा पटना में भी महसूस किए गए। 

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