बरेली: विवाद के बाद महिला-पुरुष शिक्षकों को बना लिया बंधक, भोजीपुरा बीआरसी में टैबलेट बांटने के दौरान हुई घटना

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Edited By Amrit Vichar
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शिक्षकों ने किया हंगामा, कर्मचारी पर बगैर चेक किए टैबलेट रिसीव करने का दबाव डालने का आरोप, बीएसए से शिकायत, बीईओ ने शिक्षक नेता का ड्रामा बताया

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बरेली, अमृत विचार : बेसिक शिक्षा विभाग के भोजीपुरा ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में टैबलेट बांटने के दौरान कई महिला-पुरुष शिक्षकों को बंधक बना लिए जाने का आरोप लगाते हुए अफसरों से शिकायत की गई है। आरोप है कि बीआरसी का कर्मचारी शिक्षकों पर टैबलेट की बगैर जांच किए उन्हें रिसीव करने का दबाव बना रहा था, इन्कार करने पर हॉल का दरवाजा बंद कर उन्हें बंधक बना लिया गया।

हालांकि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने शिकायत को निराधार बताया है। बेसिक शिक्षा विभाग में कई योजनाएं ऑनलाइन हैं जिसके लिए सरकार की ओर से शिक्षकों को टैबलेट दिए जा रहे हैं। बीआरसी पर इसके लिए शिक्षकों को अलग-अलग चरण में बुलाया जा रहा है।

भोजीपुरा बीआरसी पर शुक्रवार को पहुंचे शिक्षकों के मुताबिक टैबलेट बांट रहे कर्मचारी ने उन्हें टैबलेट देने के बाद बगैर उसे चेक किए निर्धारित प्रपत्र पर यह लिखने का दबाव डाला कि टैबलेट ठीक है और उसके साथ सारी एक्सेसरीज भी हैं। शिक्षकों ने यह कहते हुए विरोध किया कि महानिदेशक का साफ आदेश है कि टैबलेट में सिम डालकर उसे चेक करने के बाद ही प्रपत्र भरा जाए। चार्जर समेत बाकी एक्सेसरीज भी चेक की जाएं।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अजरार हुसैन आगा ने बताया कि टैबलेट चेक किए बगैर प्रपत्र भरने से इन्कार करने पर कर्मचारी ने बीआरसी हाॅल का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और शिक्षकों को धमकाने लगा। इससे हॉल में मौजूद कई महिला शिक्षक भयभीत हो गईं।

पुरुष शिक्षकों ने काफी देर हंगामा किया, तब कहीं हॉल का दरवाजा खोला गया। शिक्षकों के मुताबिक आरोपी कर्मचारी को अफसरों ने बीआरसी पर संबद्ध कर रखा है। वह आए दिन मनमानी करता है। शिकायतें करने के बावजूद अफसर उस पर कार्रवाई नहीं करते।

एक शिक्षक संगठन के पदाधिकारी को शु्क्रवार को नहीं बुलाया गया था, फिर भी वह पहुंच गए थे। उनके सभी आरोप निराधार हैं। उल्टे चार शिक्षक बिना प्रपत्र जमा किए चले गए हैं। इस संबंध में बीएसए को जानकारी दे दी गई हैं। - दिलीप कन्नौजिया, बीईओ

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