कोटि पार्थिव लिंगार्चना का काशी में आयोजन, पहली बार होगा एक करोड़ शिवलिंग अनुष्ठान
वाराणसी, अमृत विचार। विश्व कल्याण और धर्म परिरक्षण के लिए पहली बार काशी में कार्तिक माह में करोड़ पार्थिव शिवलिंगार्चन किया जाएगा। इस समारोह में अखिल भारतीय स्तर से अनेक वैदिक ब्राह्मण एवं विद्वान भाग लेंगे। इस आयोजन में 20 हजार भक्त शामिल होंगे जिसमें 1 करोड़ शिवलिंग का अनुष्ठान होगा। इस आयोजन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने की तैयारी है।
हैदराबाद (तेलंगाना) के एक चैरिटेबल ट्रस्ट, श्री श्री श्री विजयानंदनधा गुरु सेवा समिति के शिव संकल्पमस्तु के बैनर तले तंगिरला रामचंद्र साई 19 से 27 नवंबर तक यह अनुष्ठान शिवाला घाट स्थित चेत सिंह किले में होगा। एक करोड़ पार्थिव शिव लिंगों की तैयारी सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। जिसको 5000 से अधिक शिष्यों ने तैयार किया जिनमें पुरुष, महिलाएं, बच्चे शामिल हैं। आध्यात्मिक सेवक संगठनों के तहत तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 100 से अधिक केंद्रों में इसे तैयार किया गया है।

डॉ वेंकट के गंजम ने कहा कि काशी अविमुक्त है एक ऐसा शहर जिसे भगवान शिव ने कभी नहीं छोड़ा। पौराणिक कथाएँ बताती हैं कि यह वह स्थान था जहाँ भगवान शिव का लिंग पहली बार स्थापित किया गया था और पृथ्वी पर उनकी शाश्वत उपस्थिति के प्रतीक के रूप में पूजा की गई थी। इसके अलावा पौराणिक कथाओं के अनुसार, काशी में जहां भगवान शिव के कदम पड़े थे, वहां एक लिंगोद्भव हुआ था। इसका मतलब है कि आप काशी में जहां भी जगह खोदेंगे, आपको एक शिव लिंग मिलेगा। हर शिव लिंग की एक कहानी और अपना महत्व है। कुछ नाम है, विष्णु लिंग, ब्रम्ह लिंग और तीन करोड़ देव लिंग इसी वाराणसी से निकले हैं।
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