बरेली कॉलेज में परीक्षा के दौरान मोबाइल चला रहे कक्ष निरीक्षक
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान बरेली कॉलेज में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्य परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक मोबाइल चलाते हुए नजर आए, जबकि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों के परीक्षा कक्ष में मोबाइल ले जाने पर सख्त मनाही है। इससे रुविवि की …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दौरान बरेली कॉलेज में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्य परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक मोबाइल चलाते हुए नजर आए, जबकि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों के परीक्षा कक्ष में मोबाइल ले जाने पर सख्त मनाही है। इससे रुविवि की मुख्य परीक्षा की शुचिता पर सवालिया लग गया है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 548 महाविद्यालयों में से करीब 318 महाविद्यालयों में मुख्य परीक्षा कराई जा रही है। बरेली-मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों में संचालित होने वाली परीक्षाओं में रुहेलखंड विश्वविद्यालय बेहद ईमानदारीपूर्ण तरीके से परीक्षा आयोजित कराने के दावे कर रहा है। कोरोना काल में सचल दलों की कार्रवाई से परीक्षा का आयोजन सख्ती से किए जाने की बात को पुष्ट किया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि शहर में स्थित बरेली कॉलेज में ही परीक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में दूरदराज देहात क्षेत्रों स्थित महाविद्यालयों में परीक्षा का आयोजन किस तरह हो रहा होगा, इसका अंदाजा भी सहज लगाया जा सकता है।

सोमवार को हुई परीक्षा के दौरान बरेली कॉलेज के तीन कक्ष निरीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल चलाते हुए नजर आए। छात्र-छात्राएं जहां परीक्षा देने में मशगूल थे, वहीं कक्ष निरीक्षक मोबाइल चलाने में व्यस्त नजर आए, जबकि नियम यह है कि परीक्षा के दौरान कक्ष में कक्ष निरीक्षक मोबाइल नहीं ले जा सकते। ऐसे में परीक्षा नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद कॉलेज के सचल दल ने भी उन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई।

उठ रहे ये सवाल
परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक के मोबाइल चलाने से नकल होने की आशंका रहती है। प्रश्न पत्र से संबंधित उत्तर भी बाहर से पूछकर परीक्षार्थियों को बताए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। परीक्षा शुरू होने से पहले कक्ष निरीक्षकों को मोबाइल बाहर रखने के बारे में आखिर क्यों नहीं बताया गया? क्या कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा संबंधी नियमों की जानकारी नहीं थी या फिर जानबूझकर उल्लंघन कर रहे थे? ऐसे तमाम सवाल परीक्षा की शुचिता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।
कोरोना काल में भी कम नहीं हुई छात्र उपस्थिति
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में छात्र उपस्थिति कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी बेहतर रही। सोमवार को आयोजित हुई प्रथम पाली की परीक्षा में 936 छात्र, 2468 छात्राओं समेत 3404 परीक्षार्थियों में से 19 छात्र, 57 छात्राओं समेत 76 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली प्रथम पाली की परीक्षा में 2239 छात्र, 4074 छात्राओं समेत 6313 परीक्षार्थियों में से 39 छात्र, 63 छात्राओं समेत 102 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, तृतीय पाली की परीक्षा में 607 छात्र, 1235 छात्राओं समेत 1842 परीक्षार्थियों में से 2 छात्र, 9 छात्राओं समेत 11 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
“कक्ष निरीक्षकों को साफ तौर पर बताया गया है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल कक्ष में नहीं ले जा सकते हैं। किसी कक्ष निरीक्षक के मोबाइल परीक्षा कक्ष में ले जाने की जानकारी भी मुझे नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।” -डा. राजीव मल्होत्रा, मुख्य परीक्षा नियंत्रक, बरेली कॉलेज
