कानपुर में बढ़ी पुरुषों के स्तन बढ़ने की बीमारी, हैलट के साथ निजी अस्पतालों में रोजाना पहुंच रहे इतने मरीज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर में बढ़ी पुरुषों के स्तन बढ़ने की बीमारी।

कानपुर में पुरुषों के स्तन बढ़ने की बीमारी बढ़ी। हैलट की ओपीडी में एक सप्ताह में औसतन पांच तो निजी अस्पतालों में एक दर्जन मरीज पहुंच रहे।

कानपुर, [विकास कुमार]। ‘मेल बूब्स’ या पुरुषों में छाती का आकार इतना बढ़ना कि वे स्तन जैसे लगने लगें, सुनने में थोड़ा अजीब लगता है। लेकिन यह हकीकत है कि कानपुर में पुरुषों के ब्रेस्ट वृद्धि के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसे हार्मोनल विकार से संबंधित ‘गाइनेकोमेस्टिया’ बीमारी माना गया है। डॉक्टरों के अनुसार इस समस्या के लिए हॉर्मोन असंतुलन के साथ जिम जाने के दौरान स्टेरॉयड का प्रयोग, मोटापा और लाइफ स्टाइल जिम्मेदार है।

पुरुषों के ब्रेस्ट में वृद्धि पुरुष और महिला हॉर्मोन्स एंड्रोजेंस और ऑस्ट्रोजेन में असंतुलन के कारण होती है। इस बीमारी से पीड़ित औसतन पांच मरीज हर हफ्ते जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। जबकि निजी अस्पतालों में यह आंकड़ा औसतन 10 से 12 मरीजों प्रति सप्ताह है। चिकित्सकों के पास ब्रेस्ट बढ़ने की समस्या लेकर पहुंचने वालों में अधिकतर युवाओं के साथ अधेड़ उम्र के लोग भी शामिल हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह समस्या अनियमित दिनचर्या, बिगड़े खानपान, शराब का अधिक सेवन व अन्य वजहों से भी हो सकती है। गाइनेकोमास्टिया बीमारी से ग्रस्त पुरुष अपने शरीर के प्रति ज्यादा सतर्क और चिंतित हो जाते हैं। वह टाइट टीशर्ट पहनने बचते हैं। सार्वजनिक रूप से शर्ट उतारने शर्माते हैं। इस स्थिति में उनका आत्मविश्वास घट जाता है।

इस रोग में सीने पर वसा ऊतक (फैट टिश्यूज) बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। इसकी वजह से दर्द भी होता है। ज्यादातर लोग इस बीमारी को शर्म की वजह से छिपाते हैं। लेकिन इसे छिपाना नहीं चाहिए। कई मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। 

हार्मोन असंतुलन से होती दिक्कत 

हैलट अस्पताल में सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.जीडी यादव ने बताया कि गाइनेकोमास्टिया पुरुषों में एस्ट्रोजेन और एंड्रोजन हार्मोन में असंतुलन के कारण होती है। पुरुषों में एस्ट्रोजेन (मादा हार्मोन) का स्राव एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) से अपेक्षाकृत अधिक हो जाता है, तो उनका स्तन बढ़ जाता है। इसकी वजह से उनका सीना बेडौल नजर आने लगता है। गाइनेकोमास्टिया का इलाज जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में संभव है। एक सप्ताह में चार से पांच मरीज इस बीमारी से ग्रस्त होकर इलाज के लिए आते हैं। सर्जरी विभाग में सर्जरी व लेजर दोनों विधि से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 

गाइनेकोमास्टिया के कारण 

1. मोटापा या थायराइड 
2. स्टेरॉयड का इस्तेमाल
3 खास दवाओं का प्रयोग 
4. किडनी या लीवर की बीमारी 
5.शराब या अन्य तरह का नशा। 

ये भी पढ़ें- देवोत्थानी एकादशी आज: इंतजाम खत्म, मांगलिक कार्य शुरू… शहर में इतने हजार शादियां होने का अनुमान

 

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता
लखनऊ में IGRS शिकायतों पर बड़ा एक्शन: 60% शिकायतकर्ता असंतुष्ट, डीएम ने 25 अधिकारियों का जून का वेतन रोका