मुरादाबाद: छेड़छाड़ का विरोध करने पर दंबगों ने की पीड़िता के पिता की हत्या
मुरादाबाद। मूंढापांडे थाना क्षेत्र में बेटी के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर दबंगों ने किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। किसान की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने हाईवे पर थाने के सामने शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजन पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगा रहे थे। …
मुरादाबाद। मूंढापांडे थाना क्षेत्र में बेटी के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर दबंगों ने किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी। किसान की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने हाईवे पर थाने के सामने शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजन पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगा रहे थे।
हालात बेकाबू होते देख एसपी सिटी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। खफा परिजनों की एसपी सिटी से भी तीखी नोकझोंक हुई। जिस पर उन्होंने मुकदमा दर्ज कर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने शव पीएम को भेजने के बाद आनन-फानन में चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
किसान को पीटकर मौत के घाट उतारने का यह मामला मूंढापांडे थाना क्षेत्र के ग्राम महेशपुर भीला का है। गांव निवासी हरीओम सिंह खेती किसानी करते हैं। सोमवार को उनकी नाबालिग बेटी सामान खरीदने के लिए एक दुकान पर गई थी। बताते हैं कि गांव निवासी बंटी व राजवीर पक्ष के लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ कर ली।
किशोरी ने घर आकर इसकी जानकारी हरीओम को दी तो वह शिकायत करने बंटी के घर पहुंचे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। हालांकि बाद में मामले को शांत करा दिया गया। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर बंटी व राजवीर पक्ष के लोगों ने मंगलवार को हरीओम के घर पर हमला बोल दिया। सभी ने हरीओम और परिजनों के साथ जमकर मारपीट की। जिसमें हरीओम गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने किसी तरह से मामला शांत कराया। इसके बाद परिजन हरीओम को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल आए, जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हरीओम की मौत के बाद परिजन आपा खो बैठे और शव लेकर मूंढापांडे थाने पहुंच गए। थाने के सामने हाईवे पर शव रखने के बाद उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। वह लोग पुलिस पर मोटी रकम लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगा रहे थे। सूचना पर एसपी सिटी अमित आनंद व सीओ हाईवे रामसागर भी पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। शव पीएम को भेजने के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है।
