69000 शिक्षक भर्ती: नियुक्ति की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी, पुलिस से हुई झड़प

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू कराने में हुई विसंगति को दूर किये जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज 6800 चयनित अभ्यर्थी बुधवार को विधानसभा का घेराव करने निकल पड़े। सैकड़ों की संख्या में निकले अभ्यर्थियों को पुलिस ने बैरिकेटिंग करके रास्ते में ही रोक लिया।

इस दौरान शिक्षक अभ्यर्थियों में जमकर नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने सभी अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच काफी नोक झोंक और धक्कामुक्की भी हुई। जिसमें कई अभ्यर्थी घायल भी हुए। 

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बता दें कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग की सूची में चयनित 6800 शिक्षक अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं सैकड़ों की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर आज विधानसभा घेराव करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने बैरिकेटिंग लगाकर अभ्यर्थियों को बार्लिग्नटन के पास रोक लिया।

इसके बाद सभी अभ्यर्थी सड़क पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं पुलिस ने बल का प्रयोग करके सभी अभ्यर्थियों को गाड़ी में भरकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान पुलिस की धक्कामुक्की में कई अभ्यर्थी घायल भी हुए। जिन्हें अस्पताल से सिविल अस्पताल भेज दिया गया।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के विभागीय अधिकारी इस मामले को निस्तारित नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि उन्ही की लापरवाही का नतीजा है की 6800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी नियुक्ति पाने से वंचित है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का कोई नेता मंत्री ऐसा नहीं जिससे हमने अपनी समस्या न बताई हो। हर जगह हमारी मांगों को सिर्फ अनसुना किया गया। इसलिए यह आंदोलन और विधानसभा का घेराव हमारी मजबूरी है। 

अभ्यर्थियों ने आगे बताया कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू करने में घोर अनियमितता बरती गई है। जिस कारण आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी से वंचित कर दिया गया।

इस संबंध में कई बार आंदोलन के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और विसंगति दूर करते हुए पीड़ित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने आदेश अधिकारियों को दिया था, जिसके आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विसंगति को सुधारने के उपरांत 6800 दलित पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का वादा करते हुए एक सूची जारी की। लेकिन, अभी तक न्याय नहीं मिल सका। 

हमारी मांग है की सरकार इस मामले का त्वरित समाधान निकाले और सभी 6800 चयनित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का हक अधिकार देते हुए उनकी नियुक्ति करें।

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