मुरादाबाद: चंद रुपये देकर सिपाही ने एमडीए के चार आवासों पर किया कब्जा
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा गरीबों के लिए बनाए गए आशियाने में पुलिस वाले ने कब्जा कर रखा है। जबकि यह आशियाने उनके लिए थे जिनके पास कोई आवास नहीं था। नया मुरादाबाद में बनाए गए आवासों में इन दिनों ऐसे लोगों का निवास है, जिनका कोई पता ठिकाना ही नहीं है। प्रधानमंत्री …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा गरीबों के लिए बनाए गए आशियाने में पुलिस वाले ने कब्जा कर रखा है। जबकि यह आशियाने उनके लिए थे जिनके पास कोई आवास नहीं था। नया मुरादाबाद में बनाए गए आवासों में इन दिनों ऐसे लोगों का निवास है, जिनका कोई पता ठिकाना ही नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा दिल्ली रोड थाना मझोला के पीछे आवास बनाये गए हैं। इन भवनों को ऐसे पात्रों को सरकार द्वारा आवंटित किया जाना है, जिनके पास रहने को घर नहीं और वह सरकार की पात्रता सूची में आते हैं लेकिन इन मकानों में रह रहे लोगों का कहना है कि जब हमारे पास मकान नहीं है तो हम कहां जाएं। बिना किसी लिखा पड़ी और बिना अनुमति के ऐसे परिवार इन मकानों में रह रहे हैं, जिनका मुरादाबाद से कोई लेना-देना ही नहीं।
साथ ही मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के फोर्थ क्लास स्टाफ द्वारा इन लोगों से सुविधा शुल्क भी वसूला जा रहा है। जब प्रधानमंत्री आवास योजना के इन फ्लैटों में रह रहे लोगों से बात की, तब उन्होंने बताया कि यह मकान खाली पड़े थे तो हमने इन मकानों में रहना शुरू कर दिया। मकानों में रह रही महिलाओं ने बताया कि इन आवासों में थाना मझोला के एक सिपाही द्वारा पांच मकानों में कब्जा कर लिया गया है। इतना ही नहीं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई इस आवासीय योजना में मुर्गियां भी पाली जा रही है। बंद मकानों के दरवाजे तोड़कर उनमें देसी मुर्गियां पाली जा रही हैं।
हद तो यह है कि यहां पर ऐसे कार्य हो रहे हैं, जिनकी जानकारी प्राधिकरण को भी है लेकिन सुविधा शुल्क लेने के बाद अफसर व कर्मचारी इसे अनदेखा कर दे रहे हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद रहे प्राधिकरण के एक अफसर से जब बात की गई तो वह मुंह छिपाते नजर आए। इन मकानों में रह रही महिलाओं से जब बात की गई तो महिलाओं द्वारा प्राधिकरण के साथ-साथ पुलिसकर्मी पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।
महिलाओं से बर्तन-कपड़े धुलवाता है सिपाही
महिलाओं का कहना है कि जिस सिपाही ने चार आवासों पर अपना कब्जा कर रखा है, वह सिपाही हम लोगों ने अपने कपड़े और बर्तन भी धुलवाता है। इतना ही नहीं हम लोग मना करते है तो सिपाही मकान से निकालने की धमकी देता है। महिलाओं का यह भी आरोप है कि सिपाही रात को शराब पीकर हंगामा भी करता है। कोई विरोध करता है तो उसे जेल भेजने की धमकी देता है।
बिजली-पानी से लेकर सभी सुविधाओं का ले रहे लाभ
गरीबों के लिए बनाए गए इन आशियानों में यह परिवार फ्री बिजली उपयोग रहे हैं, बिजली का बिल भी नहीं देते। विद्युत विभाग के लाइनमैन को सुविधा शुल्क मिल जाता है। बस इतना ही काफी है।
