पीलीभीत: किसान नेताओं की खरी-खरी, बोले- पेराई शुरू नहीं की गई तो पहनाएंगे चूड़ियां..जानिए क्यों फूटा गुस्सा!

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत/ पूरनपुर, अमृत विचार। किसान सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ गन्ना किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। पेराई शुरू न करने से गुस्साए सैकड़ों किसान शनिवार को मिल के बाहर धरने पर बैठ गए। हंगामा बरपा तो किसानों के दर्द से बेपरवाह अफसर नींद से जागे।

फजीहत से बचाने के लिए धरना स्थल पहुंचकर किसानों के मान-मनौव्वल में जुट गए। किसान फिर भी नहीं हटे। आखिर में मिल प्रबंधन और गन्ना विभाग के अधिकारियों ने लिखकर दिया कि पांच दिसंबर तक हर हाल में मिल चालू कर दी जाएगी। तब जाकर किसानों ने धरना खत्म किया।

ये चेतावनी दी गई कि पांच दिसंबर को मिल चालू नहीं हुई तो अगली बार मिल के अधिकारियों को चूड़ियां और साड़ी-बिंदी भेंट की जाएगी। बता दें कि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गुट के नेताओं ने दो दिसंबर को चीनी मिल में धरने का ऐलान किया था। सोशल मीडिया के जरिये गांव-गांव ये संदेश आम किया गया।

शनिवार को किसान नेताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान चीनी मिल पहुंचे और धरना दिया। किसानों के आंदोलन की भनक पर जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव भी मिल पहुंच गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।  चीनी मिल के जीएम आरके वर्मा, सीसीओ अजय यादव, चीफ इंजीनियर के अलावा मिल के अन्य अधिकारियों को  किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा।

किसान नेताओं ने अधिकारियों को खरी-खरी सुनाईं। यहां तक कह डाला कि किसानों की फसलें बर्बाद कराने वाले अधिकारियों को चूड़ियां पहन लेनी चाहिए। अगर किसानों के साथ इसी तरह का रवैया अपनाया जाता रहेगा, तो एक दिन किसान ही उन्हें चूड़ी और बिंदी पहना देंगे। मिल अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पांच दिसंबर को मिल चालू हो जाएगी।

गन्ना उपलब्ध कराने के लिए तीन दिन का इंडेंट जारी किया जा चुका है। किसानों ने मिल प्रबंधन के सामने अपनी शर्तें रखीं। कहा-पेराई के दौरान प्रबंधन किसानों को बेवजह परेशान नहीं किया जाए। गन्ना क्रय केंद्र, मिल या गन्ना विभाग द्वारा किसी स्तर पर किसानों की अनदेखी ना हो।

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